पति से फोन पर विवाद के बाद महिला ने खाया कीटनाशक, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती

Poison Consumption Case: मोबाइल पर पति से हुए विवाद के बाद महिला ने कथित तौर पर कीटनाशक खा लिया. हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया.

कटोरिया (बांका) से दीपक चौधरी की रिपोर्ट

Poison Consumption Case: बांका जिले के कटोरिया थाना क्षेत्र के देवासी गांव में रविवार को घरेलू विवाद के बाद एक महिला द्वारा कीटनाशक सेवन करने का मामला सामने आया है. घटना के बाद परिजनों ने तत्परता दिखाते हुए महिला को कटोरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज जारी है. घटना के बाद गांव और परिवार में चिंता का माहौल है.

मोबाइल पर बातचीत के दौरान हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, देवासी गांव निवासी नंदकिशोर यादव वर्तमान में मजदूरी के लिए कोलकाता में रह रहे हैं. रविवार को उनकी पत्नी तिखिया देवी की मोबाइल फोन पर उनसे बातचीत हो रही थी.

इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया. परिजनों के अनुसार बातचीत के बाद महिला काफी परेशान और आहत दिखाई दे रही थी.

Poison Consumption Case: आवेश में उठाया बड़ा कदम

बताया जाता है कि विवाद के बाद तिखिया देवी ने घर में रखे मूंग की फसल में उपयोग किए जाने वाले कीटनाशक का सेवन कर लिया. कुछ देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिजनों को घटना की जानकारी हुई.

महिला की हालत खराब होते देख परिवार के लोग तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने इलाज शुरू किया.

कटोरिया सीएचसी में चल रहा उपचार

कटोरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विनोद कुमार और डॉ. शैलजानंद शुक्ला की देखरेख में महिला का उपचार किया गया.

चिकित्सकों ने बताया कि समय पर अस्पताल पहुंचाए जाने के कारण तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकी. हालांकि महिला की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और इलाज जारी है.

परिजनों में चिंता, गांव में चर्चा

घटना के बाद परिवार के सदस्यों में चिंता का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि क्षणिक आवेश में उठाया गया कोई भी कदम पूरे परिवार को प्रभावित कर सकता है.

स्थानीय लोगों ने भी पारिवारिक विवादों को बातचीत और समझदारी के माध्यम से सुलझाने की आवश्यकता पर जोर दिया.

विशेषज्ञों की सलाह: तनाव की स्थिति में संवाद जरूरी

चिकित्सकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि तनाव, विवाद या मानसिक दबाव की स्थिति में परिवार और करीबी लोगों से खुलकर बातचीत करना बेहद जरूरी है. समय पर संवाद और सहयोग कई गंभीर परिस्थितियों को टाल सकता है.

यदि किसी व्यक्ति को भावनात्मक संकट महसूस हो रहा हो, तो परिवार, मित्रों या स्वास्थ्य विशेषज्ञों से सहायता लेना महत्वपूर्ण हो सकता है.

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Published by: Amit kumar sinh

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