मुखिया व पीआरएस के विवाद में दम तोड़ रही पौधरोपण योजना

मुखिया व पीआरएस के विवाद में दम तोड़ रही पौधरोपण योजना

पंजवारा. मनरेगा से निजी जमीन पर पौधरोपण कराये जाने की महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने में कई तरह की बाधाएं आ रही है. किसानों के निजी जमीन पर मनरेगा के तहत पौधरोपण तो कर दिया गया है. लेकिन सिंचाई व अन्य व्यवस्थाओं के अभाव से योजना दम तोड़ रही है. मामला पंजवारा पंचायत का है. जहां पंजवारा के करीब 20 लाभुकों के निजी जमीन पर करीब सात माह पूर्व पौधरोपण कराया गया, लेकिन बोरिंग नहीं रहने की वजह से किसानों को इसके सिंचाई में परेशानी आ रही है. वृक्षों की देखरेख के लिए राशि भी लाभुकों को नहीं मिल रही है. इससे योजना के संचालन में वह दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं. इसके लाभुक पार्वती देवी, विपिन कापरी, राजीव रंजन, लड्डू राय, सुशील राय, मंजू देवी, हरि यादव, विपिन कापरी, अजय कुमार मिश्रा, शंभू, राजकुमार मिश्रा आदि कहते हैं कि मुखिया एवं पंचायत रोजगार सेवक के आपसी विवाद की वजह से पौधरोपण के तहत मिलने वाली सिंचाई योजना का उन्हें लाभ अब तक नहीं मिल पाया है, जिससे पेड़ों की सिंचाई में दिक्कत आ रही है. वहीं पौधे की देखभाल के लिए मिलने परिश्रमी भी नहीं मिल रही है, जिससे योजनाएं की सही ढंग से कार्यान्वयन नहीं हो पा रही है. इसको लेकर पीआरएस नशीम का कहना है कि कुछ कागजी प्रक्रिया के कारण यह कार्य नहीं हो पा रहा है, जल्दी इसको सही किया जायेगा. इसको लेकर मनरेगा पीओ जावेद कलाम का कहना है कि हमें किसानों से इस तरह की जानकारी प्राप्त हुई है. मामले में एक सप्ताह के अंदर आवश्यक कार्य शुरू किया जायेगा. वहीं पंचायत के मुखिया भोला पासवान ने बताया कि आपसी सामंजस एवं कागजी प्रक्रिया के कारण कार्य नहीं हो पा रहा था. एक सप्ताह के अंदर कार्य आरंभ हो जायेगा.

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