पंजवारा( बांका) से गौरव कश्यप की रिपोर्ट : बांका जिले के पंजवारा और आसपास के इलाकों में पेयजल संकट गहराता जा रहा है. पीएचईडी विभाग की कथित लापरवाही के कारण कई गांवों में चापाकल खराब पड़े हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. भीषण गर्मी और बढ़ती तपिश के बीच ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं.
कचमचिया गांव में सबसे ज्यादा परेशानी
ताजा मामला लौढ़िया खुर्द पंचायत के वार्ड नंबर 12 स्थित कचमचिया गांव का है. यहां लगा हैंडपंप पिछले कई महीनों से खराब पड़ा हुआ है. ग्रामीणों का कहना है कि विभाग को कई बार सूचना देने के बावजूद अब तक मरम्मत नहीं कराई गई.
सुबह से शुरू हो जाती है पानी की जद्दोजहद
गांव के लोगों के अनुसार सुबह होते ही पानी भरने की चिंता शुरू हो जाती है. घर की महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को दूर-दराज के इलाकों से पानी लाकर दैनिक जरूरतें पूरी करनी पड़ रही हैं.ग्रामीणों में विभाग के प्रति नाराजगी
ग्रामीणों का आरोप है कि चापाकल मरम्मत के लिए कई बार गुहार लगाने के बावजूद विभागीय अधिकारी उदासीन बने हुए हैं. लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में पानी जैसी मूलभूत सुविधा नहीं मिलना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है.
सरकारी दावों पर उठ रहे सवाल
एक ओर सरकार हर घर नल-जल और सुलभ पेयजल व्यवस्था के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर गांवों में लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि धरातल पर स्थिति सरकारी दावों से बिल्कुल अलग दिखाई दे रही है.जल्द मरम्मत की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग से खराब चापाकलों की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि लोगों को राहत मिल सके.
