बांका से चंदन कुमार की रिपोर्ट :
बांका जिले में इन दिनों भीषण गर्मी और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. मई महीने की शुरुआत से ही तेज धूप और लगातार बढ़ते तापमान ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है. शहर से लेकर गांव तक लोग गर्मी से बेहाल हैं, जबकि मौसम में बदलाव का असर अब लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है.आसमान से बरस रही आग, धरती भी उगल रही तपिश
पिछले कुछ दिनों से बांका में सूरज की तीखी किरणें लोगों को झुलसा रही हैं. सुबह सूरज निकलते ही गर्म हवाओं और उमस का असर महसूस होने लगता है. दोपहर होते-होते स्थिति और भयावह हो जाती है.तेज धूप और बढ़ती तपिश के कारण शहर की सड़कें सुबह 10 बजे के बाद लगभग सूनी हो जा रही हैं. लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं. पेड़ों की छांव और ठंडे स्थानों पर लोगों की भीड़ बढ़ने लगी है.
इंसान ही नहीं, पशु-पक्षी भी परेशान
गर्मी का असर केवल इंसानों तक सीमित नहीं है. पशु-पक्षी भी इस भीषण तापमान से परेशान दिखाई दे रहे हैं. पानी की कमी और तेज धूप के कारण जानवर छांव की तलाश में इधर-उधर भटकते नजर आ रहे हैं.ग्रामीण इलाकों में लोग अपने मवेशियों को बचाने के लिए विशेष इंतजाम कर रहे हैं. कई जगहों पर पक्षियों के लिए पानी भी रखा जा रहा है.अस्पतालों में बढ़ने लगे मरीज
मौसम में लगातार बदलाव और बढ़ती गर्मी का असर अब लोगों की सेहत पर भी दिखने लगा है. अस्पतालों में बुखार, डिहाइड्रेशन, उल्टी और चक्कर आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है.डॉक्टरों ने लोगों को तेज धूप में बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है. खासकर बच्चों और बुजुर्गों को दोपहर के समय घर के अंदर रहने की हिदायत दी जा रही है.
हीट वेव में बरतें सावधानी
विशेषज्ञों का कहना है कि तेज धूप और उमस भरी गर्मी के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है. लोगों को हल्के कपड़े पहनने, धूप में निकलते समय सिर ढंकने और ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ लेने की सलाह दी गई है.मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ने की संभावना है.
