बांका से नवनीत की रिपोर्ट:
जनजातीय गौरव उत्सव के तहत बांका जिले में 18 मई से 25 मई 2026 तक ‘जनभागीदारी – सबसे दूर, सबसे पहले’ अभियान शुरू किया गया है. इस अभियान के तहत जिले के 6 प्रखंडों की 39 पंचायतों और 138 गांवों में विशेष कैंप लगाए जाएंगे. जिला प्रशासन के अनुसार इस पहल से 51 हजार से अधिक आदिवासी लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं को पहुंचाया जाएगा.64 कैंपों के जरिये गांव-गांव पहुंचेंगी सरकारी योजनाएं
जिला प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे इस अभियान में कुल 64 सेवा केंद्र बनाए गए हैं. इन कैंपों के माध्यम से 9797 जनजातीय परिवारों के 51545 लोगों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलेगा.इनमें 3159 PVTGs परिवारों के 12647 सदस्य भी शामिल हैं. प्रशासन का लक्ष्य है कि दूरदराज के आदिवासी इलाकों तक सरकारी सेवाओं की सीधी पहुंच सुनिश्चित की जाए.
कटोरिया व चांदन में सबसे ज्यादा कैंप
प्रखंडवार आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक 34 कैंप कटोरिया प्रखंड में लगाए जाएंगे, जबकि चांदन में 15 कैंप होंगे. इसके अलावा बौंसी में 8, बेलहर में 5 और फुल्लीडुमर व शंभुगंज में 1-1 कैंप लगाए जाएंगे.कटोरिया में 3997 जनजातीय परिवारों के 21812 सदस्य इस अभियान से जुड़ेंगे, जबकि चांदन में 2932 परिवारों के 15186 लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है.सप्ताहभर चलेंगे हेल्थ कैंप और जनसुनवाई
18 मई को बांका समाहरणालय सभाकक्ष में डीएम नवदीप शुक्ला ने प्रेस ब्रीफिंग के साथ अभियान की शुरुआत की. 19 से 25 मई तक चयनित सेवा केंद्रों पर स्वास्थ्य शिविर और पौधारोपण अभियान चलाया जायेगा. 20 मई को गांव-गांव जाकर लोगों को जनसुनवाई के लिए जागरूक किया जायेगा. वहीं 21 से 23 मई तक विभिन्न सेवा केंद्रों पर जनसुनवाई कर लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा. 24 मई को पूरे अभियान का प्रलेखन होगा और 25 मई को डीब्रीफिंग के साथ कार्यक्रम का समापन किया जायेगा.
