Shravani Mela 2026 : पवित्र श्रावण मास में पंजवारा क्षेत्र आस्था और भक्ति के रंग में पूरी तरह रंग गया है. शुक्रवार को 114वीं ऐतिहासिक कांवर यात्रा के तहत 'पड़ाव संघ कांवरिया जत्था' के आगमन पर स्थानीय लोगों और प्रशासन ने भव्य स्वागत किया. विशाल कांवर, भक्ति संगीत और हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा.
विशाल और आकर्षक कांवरों ने खींचा श्रद्धालुओं का ध्यान
कहलगांव की उत्तरवाहिनी गंगा से पवित्र जल लेकर बाबा बासुकीनाथ धाम के लिए रवाना हुए 'पड़ाव संघ कांवरिया जत्था' के साथ 81 फीट, 61 फीट, 51 फीट, 41 फीट और 11 फीट लंबे भव्य एवं कलात्मक कांवर श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने रहे. वहीं 19 फीट ऊंची 'आदि योगी' प्रतिमा से सुसज्जित विशेष कांवर ने लोगों को खासा प्रभावित किया. इन विशाल कांवरों को तीन दर्जन से अधिक कांवरिए एक साथ अपने कंधों पर लेकर चल रहे थे, जो उनकी अटूट श्रद्धा और सामूहिक भक्ति का प्रतीक बना.
झमाझम बारिश में सजी भक्ति-संगीत की महफिल
संकटमोचन चौक पर जत्थे के पहुंचते ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दर्शन के लिए उमड़ पड़ी. धोरैया-पंजवारा मुख्य मार्ग स्थित मां मनसा पैलेस में कांवरियों के विश्राम और महाप्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई थी. बारिश के बावजूद शिवभक्त पूरे उत्साह के साथ भक्ति गीतों पर झूमते रहे. मंच से कानपुर के सुरजीत अलवेला, पंकज निगम, बेबी, प्रभु, खपेश राज, पूर्णिया की रुचि ठाकुर, मुकुल वाजपेयी तथा सैक्सोफोन वादक विजय लक्ष्मी सहित कई कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया.
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प्रशासनिक सतर्कता और बेहतर व्यवस्थाओं की मिली सराहना
कांवरियों के आगमन से पहले पूरे मार्ग की विशेष साफ-सफाई कराई गई थी. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पंजवारा पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही. भोजन और विश्राम के बाद दोपहर में कांवरिया जत्था अपने अगले पड़ाव बौंसी के लिए रवाना हो गया. सभी श्रद्धालु आगामी सोमवार को बाबा बासुकीनाथ धाम पहुंचकर जलाभिषेक करेंगे.
पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने निभाई अहम भूमिका
114वीं ऐतिहासिक कांवर यात्रा के इस पड़ाव को सफल बनाने में पड़ाव संघ कांवरिया के अध्यक्ष संतोष चौधरी, संगठन मंत्री पंकज घोष, कोषाध्यक्ष पवन चौधरी, सचिव संजीव कुमार, मीडिया प्रभारी अभिनंदन पोद्दार, पूजा प्रभारी सूरज कश्यप और संगीत प्रभारी संजीत गुप्ता सहित सभी कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही. स्थानीय लोगों ने भी पूरे उत्साह के साथ शिवभक्तों का स्वागत कर श्रावणी मेले की आस्था और परंपरा को और भव्य बना दिया.
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