प्रभात इंपैक्ट : पंजवारा के जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र को किराये के भवन में शिफ्ट करने का निर्देश

Banka News : बच्चों की जान जोखिम में डालकर चल रहे आंगनबाड़ी केंद्र की खबर सामने आते ही प्रशासन सक्रिय हो गया. बांका के पंजवारा पंचायत स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-151 के जर्जर भवन का मामला उजागर होने के बाद सीडीपीओ ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और तत्काल केंद्र को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने का निर्देश दिया.

पंजवारा (बांका) से गौरव कश्यप की रिपोर्ट

Banka News : प्रभात खबर डिजिटल में खबर प्रकाशित होने के बाद बाराहाट प्रखंड प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पंजवारा पंचायत के कलाली टोला स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-151 का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान भवन को बच्चों के लिए असुरक्षित पाते हुए सीडीपीओ सुशीला धान ने केंद्र को तत्काल किराये के भवन में संचालित करने का निर्देश दिया.

खबर का असर, मौके पर पहुंचीं सीडीपीओ

कलाली टोला स्थित आंगनबाड़ी केंद्र के जर्जर भवन को लेकर लगातार चिंता जताई जा रही थी. मामला सार्वजनिक होने के बाद गुरुवार को बाराहाट की सीडीपीओ सुशीला धान स्वयं केंद्र पहुंचीं और भवन की स्थिति का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने भवन की बदहाल स्थिति को गंभीरता से लिया.

दीवारों में दरार, छत भी हुई कमजोर

निरीक्षण में पाया गया कि केंद्र भवन की दीवारों में कई जगह गहरी दरारें पड़ चुकी हैं. वहीं छत की स्थिति भी काफी कमजोर हो गई है. भवन की हालत ऐसी है कि किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है. ऐसे में यहां छोटे बच्चों की उपस्थिति को देखते हुए सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई.

बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए तत्काल फैसला

सीडीपीओ ने आंगनबाड़ी सेविका खुशबू देवी को निर्देश दिया कि केंद्र का संचालन तत्काल प्रभाव से पास के एक किराये के भवन में शुरू किया जाए. उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता और जर्जर भवन में गतिविधियों का संचालन पूरी तरह अनुचित है.

नये भवन निर्माण की प्रक्रिया होगी शुरू

सीडीपीओ सुशीला धान ने बताया कि भवन की जर्जर स्थिति की रिपोर्ट विभाग को भेजी जा रही है. विभागीय स्तर पर नए आंगनबाड़ी भवन के निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी. उन्होंने कहा कि स्थायी भवन बनने तक किराये के कमरे में केंद्र का संचालन जारी रहेगा ताकि बच्चों की शिक्षा, पोषण और अन्य सेवाएं बाधित न हों.

अभिभावकों और ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

प्रशासनिक कार्रवाई के बाद स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने संतोष जताया है. उनका कहना है कि लंबे समय से भवन की खराब स्थिति को लेकर चिंता बनी हुई थी. बरसात के मौसम से पहले वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और अभिभावकों की चिंता भी कम होगी.

सुरक्षित माहौल में जारी रहेंगी सेवाएं

आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण माध्यम है. ऐसे में सुरक्षित भवन में केंद्र का संचालन सुनिश्चित करने की पहल को ग्रामीणों ने सकारात्मक कदम बताया है. अब लोगों की निगाहें नए भवन निर्माण की प्रक्रिया पर टिकी हैं.

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By Amit kumar sinh

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