Prabhat Khabar Impact : बांका के कटोरिया प्रखंड में सकारात्मक पत्रकारिता का असर एक बार फिर देखने को मिला. अनाथ बालक सुमन कुमार की मार्मिक कहानी सामने आने के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसके पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी है. वहीं एक निजी आवासीय विद्यालय ने सुमन की पढ़ाई, आवास और भोजन की जिम्मेदारी लेने की घोषणा कर मानवता की मिसाल पेश की है.
बीडीओ ने परिजनों के साथ बुलाकर की बातचीत
शुक्रवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) देवाशीष कुमार ने सुमन कुमार को उसके बड़े पापा महेश्वरी यादव, मामा गिरधारी यादव और चचेरे भाई ओंकार यादव के साथ प्रखंड कार्यालय बुलाया. इस दौरान उन्होंने बालक की शिक्षा, पालन-पोषण और भविष्य को लेकर विस्तार से जानकारी ली तथा हरसंभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया.
विद्यालय ने उठाई शिक्षा और पालन-पोषण की जिम्मेदारी
बैठक के दौरान आइडियल होली मिशन आवासीय विद्यालय, कटोरिया के निदेशक भीष्म नारायण ने सुमन कुमार को विद्यालय में निःशुल्क शिक्षा देने की घोषणा की. उन्होंने बताया कि सुमन का नि:शुल्क नामांकन कराया जाएगा और अष्टम वर्ग तक उसकी पढ़ाई, आवास, भोजन तथा अन्य आवश्यक शैक्षणिक सुविधाएं विद्यालय की ओर से उपलब्ध कराई जाएंगी. इस पहल की अधिकारियों, परिजनों और उपस्थित लोगों ने सराहना की.
परवरिश योजना का भी मिलेगा लाभ
बीडीओ देवाशीष कुमार ने बताया कि सुमन को समेकित बाल विकास परियोजना के तहत परवरिश योजना से जोड़ा जाएगा. इस योजना के अंतर्गत 18 वर्ष की आयु तक प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए.
पीएम आवास योजना में भी मिलेगी प्राथमिकता
प्रशासन ने सुमन के परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने का भी आश्वासन दिया है. बीडीओ ने आवास योजना के पर्यवेक्षक तुलसी रंजन को प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया. बैठक में बीईओ मनोज कुमार मिश्र, आवास योजना के पर्यवेक्षक तुलसी रंजन, विद्यालय के निदेशक भीष्म नारायण सहित अन्य अधिकारी और परिजन मौजूद रहे.
खबर के बाद शुरू हुई राहत की प्रक्रिया
गौरतलब है कि 16 जुलाई 2026 को प्रकाशित खबर में सुमन कुमार की परिस्थितियों और उसे सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की आवश्यकता को प्रमुखता से उठाया गया था. इसके बाद प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सहायता की प्रक्रिया शुरू कर दी.
अब सुमन के जीवन में जगी नई उम्मीद
तसरिया गांव निवासी सुमन कुमार के पिता का निधन तब हो गया था, जब वह मात्र एक माह का था. 14 जुलाई 2026 को मां के निधन के बाद वह पूरी तरह अनाथ हो गया. इस घटना के बाद सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने प्रशासन से मदद की अपील की थी. अब प्रशासन, समाज और शिक्षा जगत की संयुक्त पहल से सुमन के बेहतर भविष्य की उम्मीद मजबूत हुई है.
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