संजीव पाठक, बौंसी. बौंसी नगर पंचायत में विकास कार्यों की प्राथमिकताओं को लेकर आम लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है. एक ओर जहां नगर पंचायत की सामान्य बोर्ड बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 104 करोड़ रुपये का बजट सर्वसम्मति से पारित किया गया, वहीं दूसरी ओर नागरिक बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं. सोमवार को आयोजित बैठक में स्ट्रीट लाइट के लिए निविदा निकालने पर सहमति बनी, लेकिन सड़क, नाला और जल निकासी जैसी मूलभूत समस्याओं पर ठोस निर्णय नहीं होने से लोगों में नाराजगी देखी जा रही है. बैठक में मुख्य पार्षद कोमल भारती, उपमुख्य पार्षद गुंजन कुमारी, कार्यपालक पदाधिकारी सोनाली कुमारी सहित सभी वार्ड पार्षद मौजूद रहे. मालूम हो कि नगर के कई वार्ड आज भी जर्जर सड़कों, जाम नालों और जलजमाव की समस्या से जूझ रहे हैं. हल्की बारिश में ही गलियों में पानी भर जाता है, जिससे आम लोगों का आवागमन प्रभावित होता है. बरसात के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है, जब सड़कों पर कीचड़ और नालों का गंदा पानी घरों व दुकानों तक पहुंच जाता है. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि केवल लाइट व्यवस्था को सुधारना विकास का पूरा पैमाना नहीं हो सकता. उनका स्पष्ट मानना है कि जब तक सड़क, नाला सफाई और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं होगी, तब तक आम लोगों को राहत नहीं मिल सकती. सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों ने भी नगर पंचायत के इस दृष्टिकोण पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि दिखावटी कार्यों के बजाय टिकाऊ और जनहित से जुड़े विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि शहर को वास्तव में रहने योग्य बनाया जा सके. इधर, जनता ने अपनी नाराजगी सोशल मीडिया के माध्यम से भी जाहिर करनी शुरू कर दी है. लोग लगातार पोस्ट कर नगर पंचायत से जवाबदेही और ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नगर पंचायत प्रशासन जनता की इन मांगों को कितनी गंभीरता से लेता है और बजट के अनुरूप बुनियादी समस्याओं के समाधान की दिशा में क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं.
बौंसी नपं का 104 करोड़ का बजट पास, फिर भी जनता के निशाने पर लाइट केंद्रित विकास
बौंसी नगर पंचायत में विकास कार्यों की प्राथमिकताओं को लेकर आम लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है.
