बाराहाट अंचल कार्यालय में बिचौलियों की कथित सक्रियता से रैयत परेशान, डाटा सेंटर तक पहुंच पर उठे सवाल

बाराहाट अंचल कार्यालय में कथित बिचौलियों की बढ़ती सक्रियता ने रैयतों की चिंता बढ़ा दी है. भूमि अभिलेखों के डाटा सेंटर और रिकॉर्ड कक्ष तक उनकी पहुंच के गंभीर सवाल उठ रहे हैं. रैयत मूल दस्तावेजों के गायब होने और छेड़छाड़ की आशंका जता रहे हैं.

जमीन के कागजात में छोटी सी गड़बड़ी भी किसी परिवार को वर्षों तक न्यायालय और सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पर मजबूर कर सकती है. ऐसे में बाराहाट अंचल कार्यालय में भूमि अभिलेखों की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों ने रैयतों की चिंता बढ़ा दी है. बुधवार को भी अंचल कार्यालय और आसपास कई लोग मंडराते नजर आए. रैयतों का आरोप है कि कार्यालय के विभिन्न कार्यों में कथित बिचौलियों की भूमिका बढ़ रही है.

अंचल कार्यालय के आसपास कथित बिचौलियों की सक्रियता

रैयतों का आरोप है कि अंचल कार्यालय में जमीन से जुड़े कार्यों के लिए आने वाले लोगों के बीच कुछ कथित बिचौलिये सक्रिय रहते हैं. दाखिल-खारिज, जमाबंदी, भूमि संबंधी दस्तावेज और अन्य कामों को लेकर कार्यालय पहुंचने वाले लोगों को ये लोग कथित तौर पर प्रभावित करने की कोशिश करते हैं.

लोगों का कहना है कि कार्यालय परिसर में बाहरी लोगों की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी होनी चाहिए, ताकि आम रैयत बिना किसी दबाव या परेशानी के अपना काम करा सकें.

डाटा सेंटर और रिकॉर्ड कक्ष तक पहुंच पर गंभीर सवाल

सबसे गंभीर चिंता भूमि अभिलेखों को सुरक्षित रखने वाले डाटा सेंटर और रिकॉर्ड कक्ष को लेकर जताई जा रही है. रैयतों का आरोप है कि प्रभावशाली कथित बिचौलियों की इन संवेदनशील स्थानों तक पहुंच बनी हुई है.

हालांकि, इस आरोप की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. रैयतों का कहना है कि यदि अनधिकृत लोगों को भूमि अभिलेखों तक पहुंच मिलती है तो यह भविष्य में गंभीर विवाद का कारण बन सकता है.

मूल दस्तावेज गायब होने के आरोप से बढ़ी चिंता

जानकारों के अनुसार समय-समय पर कुछ रैयतों की ओर से जमीन से जुड़े मूल दस्तावेज कार्यालय से गायब होने की शिकायत किए जाने की बात सामने आती रही है. हालांकि, इन शिकायतों की आधिकारिक पुष्टि और इसके लिए किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी तय किया जाना अभी बाकी है.

रैयतों को आशंका है कि यदि भूमि अभिलेखों की सुरक्षा में लापरवाही होती है तो किसी दस्तावेज में छेड़छाड़ या हेराफेरी की स्थिति में वास्तविक भू-स्वामी के सामने बड़ी कानूनी परेशानी खड़ी हो सकती है.

बोले रैयत- संवेदनशील कागजात की सुरक्षा जरूरी

रैयतों का कहना है कि जमीन के मूल दस्तावेज बेहद संवेदनशील होते हैं. इनकी सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती. लोगों ने मांग की है कि रिकॉर्ड कक्ष और डाटा सेंटर में केवल अधिकृत अधिकारियों व कर्मचारियों को ही प्रवेश दिया जाए.

इसके साथ ही कार्यालय परिसर में आने-जाने वाले लोगों की निगरानी और प्रवेश व्यवस्था को भी मजबूत करने की मांग की गई है.

आंदोलन की चेतावनी

रैयतों ने कहा कि यदि कथित बिचौलियों की सक्रियता पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई और भूमि अभिलेखों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हुई तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने को मजबूर होंगे.

लोगों का सवाल है कि आखिर संवेदनशील भूमि अभिलेखों तक बाहरी लोगों की पहुंच कैसे संभव होती है और डाटा सेंटर में प्रवेश की निगरानी की व्यवस्था कितनी प्रभावी है?

अधिकारी बोले- शिकायत मिली तो होगी सख्त कार्रवाई

इस मामले में अंचल अधिकारी राजेश कुमार ने कहा कि वह अंचल कार्यालय और डाटा सेंटर की व्यवस्था को लेकर गंभीर हैं. उन्होंने बताया कि उन्हें अब तक इस प्रकार की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है.

उन्होंने कहा कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से दस्तावेजों तक बाहरी लोगों की पहुंच को रोका जाएगा. यदि कोई व्यक्ति इस प्रकार के कार्य में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By अजय कुमार झा

अजय कुमार झा प्रिंट माध्यम में 14 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बाराहाट (बांका) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >