कटोरिया. प्रकृति, आस्था और भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक करमा-धरमा पर्व मंगलवार को कटोरिया और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया गया. सुबह से ही ग्रामीण इलाकों में पर्व को लेकर उत्साह का माहौल रहा. बहनों ने भाइयों की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और सलामती की कामना करते हुए निर्जला उपवास रखा और विधि-विधान से करम देवता की पूजा-अर्चना की.
कस्तूरबा विद्यालय में दिखी पर्व की पारंपरिक छटा
कटोरिया स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय परिसर में कर्मा-धर्मा पर्व का विशेष आयोजन किया गया. छात्राओं ने पूजन स्थल को आकर्षक ढंग से सजाकर पर्व की पारंपरिक छटा बिखेरी. परिसर में विशेष रूप से तैयार किये गये तालाब को कदम की डाली, खजूर के पत्तों, रंग-बिरंगे फूलों, रंगोली और इलेक्ट्रॉनिक लाइटों से सजाया गया था. वहीं, बैलून से तैयार आकर्षक गेट ने आयोजन स्थल की खूबसूरती बढ़ा दी.
भाइयों के दीर्घायु और सुरक्षित जीवन की कामना
पूजा के दौरान व्रती छात्राओं ने करम देवता की विधि-विधान से पूजा की. उन्होंने अपने भाइयों के दीर्घायु, सुख, समृद्धि और सुरक्षित जीवन की कामना की. इस दौरान छात्राओं ने कर्मा-धर्मा पर्व से जुड़ी पारंपरिक कथा का श्रवण किया. इसके बाद सामूहिक रूप से पारंपरिक लोकगीत गाकर पर्व की खुशियां मनायीं. लोकगीतों और पारंपरिक पूजा-पद्धति से पूरा विद्यालय परिसर भक्तिमय हो उठा.
लोकगीत गाते हुए पूजन स्थल तक पहुंचीं छात्राएं
पर्व को लेकर कस्तूरबा विद्यालय की छात्राएं वन विभाग के निरीक्षण भवन परिसर से कदम की डाली और खजूर के पत्ते लेकर पारंपरिक लोकगीत गाते हुए पूजन स्थल तक पहुंचीं. रास्ते भर छात्राओं की टोली लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही. पारंपरिक वेशभूषा, लोकगीत और उत्साह से भरी छात्राओं की टोली ने कर्मा-धर्मा पर्व की सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत कर दिया.
प्रकृति और भाई-बहन के प्रेम से जुड़ा है पर्व
करमा-धरमा पर्व भाद्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है. यह पर्व प्रकृति के प्रति आस्था के साथ भाई-बहन के प्रेम और पारिवारिक सुख-समृद्धि की कामना से जुड़ा माना जाता है. पर्व को पूरे विधि-विधान और उत्साह के साथ मनाने वाली छात्राओं में चांदनी कुमारी, अंजली कुमारी, वर्षा कुमारी, नेहा कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, शिवानी कुमारी, प्रियंका कुमारी, आरती कुमारी, कल्पना कुमारी, संगीत कुमारी, खुशी कुमारी, सोनी कुमारी और रानी कुमारी समेत अन्य छात्राएं शामिल थीं.