बाराहाट (बांका). प्रखंड मुख्यालय परिसर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण भोजन नहीं मिलने और बुनियादी सुविधाओं की कमी का मामला मंगलवार को आयोजित विद्यार्थी सहयोग शिविर में सामने आया. छात्राओं ने अधिकारियों के समक्ष मेस के भोजन की गुणवत्ता, पेयजल संकट और खेल मैदान की समस्या खुलकर रखी. छात्राओं का आरोप है कि शिकायत करने पर उन्हें डांट-डपट के साथ छात्रावास से निकालने की धमकी भी दी जाती थी. मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने तत्काल सुधार के निर्देश दिए हैं.
मेस के भोजन की गुणवत्ता पर उठे सवाल
सहयोग शिविर में मौजूद प्रखंड विकास पदाधिकारी गोपाल कुमार गुप्ता एवं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के समक्ष छात्राओं ने बताया कि मेस में मिलने वाला भोजन बेहद निम्न स्तर का होता है. छात्राओं के अनुसार, भोजन की गुणवत्ता को लेकर जब भी मेस इंचार्ज या वार्डन से शिकायत की जाती थी, तो सुधार करने के बजाय उन्हें डांट-डपट कर चुप करा दिया जाता था.
शिकायत करने पर छात्रावास से निकालने की धमकी का आरोप
छात्राओं ने अधिकारियों को बताया कि भोजन की समस्या को लेकर बाहर शिकायत करने पर उन्हें छात्रावास से निकालने की धमकी दी जाती थी. इस कारण वे लंबे समय से परेशानी के बावजूद खुलकर अपनी बात नहीं रख पा रही थीं. सहयोग शिविर में अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रखने का मौका मिलने पर छात्राओं ने पूरी स्थिति से अवगत कराया.
एक चापाकल के भरोसे पूरा परिसर
छात्राओं ने भोजन के साथ परिसर में पेयजल की समस्या भी उठाई. उनका कहना था कि पूरे परिसर में मात्र एक चापाकल है और सभी छात्राओं को इसी पर निर्भर रहना पड़ता है. इससे पानी के लिए परेशानी होती है. इसके अलावा खेल मैदान छोटा होने के कारण खेलकूद और अन्य गतिविधियों में भी परेशानी होने की बात छात्राओं ने अधिकारियों को बताई.
बीडीओ ने अतिरिक्त चापाकल लगाने का दिया निर्देश
छात्राओं की शिकायत पर बीडीओ गोपाल कुमार गुप्ता ने तत्काल अतिरिक्त चापाकल लगाने का निर्देश दिया. उन्होंने मेस इंचार्ज और वार्डन को भोजन की गुणवत्ता में तत्काल सुधार लाने की सख्त हिदायत दी. साथ ही चेतावनी दी कि व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी.
सहरना डिग्री कॉलेज में भी छात्रों ने रखीं समस्याएं
सहयोग शिविर के तहत सहरना डिग्री कॉलेज में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया. यहां छात्र-छात्राओं ने खेल मैदान, लाइटिंग और लाइब्रेरी की कमी से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं. विद्यार्थियों ने कहा कि बेहतर शैक्षणिक माहौल के लिए कॉलेज में सुव्यवस्थित पुस्तकालय की आवश्यकता है. इसके अलावा खेल और प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त करने की भी मांग की गई.
उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी कार्रवाई की अनुशंसा
बीडीओ गोपाल कुमार गुप्ता ने बताया कि विभागीय निर्देश के आलोक में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय और सहरना डिग्री कॉलेज में सहयोग शिविर लगाया गया था. शिविर में छात्र-छात्राओं की ओर से भोजन, पेयजल और लाइब्रेरी से जुड़ी शिकायतें प्राप्त हुई हैं. इन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए संबंधित उच्चाधिकारियों को कार्रवाई की अनुशंसा भेजी जा रही है.
