Kanwar Yatra Health Alert : सुल्तानगंज से कांवर लेकर बाबाधाम जा रहे छत्तीसगढ़ के रायपुर निवासी 45 वर्षीय नागेंद्र सिंह और उनकी 38 वर्षीय पत्नी सुनीता सिंह की तबीयत अबरखा के समीप अचानक बिगड़ गई. दोनों को लगातार उल्टी और दस्त होने लगे, जिससे कांवरिया पथ पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को कटोरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया. यहां प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विनोद कुमार के नेतृत्व में मेडिकल टीम ने इमरजेंसी वार्ड में प्राथमिक उपचार शुरू किया.
10 वर्षीय बेटे को भी पेट दर्द की शिकायत
दंपति के साथ यात्रा कर रहे उनके 10 वर्षीय पुत्र समीर सिंह को भी पेट दर्द की शिकायत हुई. चिकित्सकों ने बच्चे की भी जांच की और उसे निगरानी में रखा है. डॉक्टरों के अनुसार समय पर अस्पताल पहुंच जाने से स्थिति नियंत्रण में रही और तीनों की लगातार निगरानी की जा रही है.
'होटल में ठंडा चावल खाने के बाद शुरू हुई परेशानी'
कांवरिया दंपति ने बताया कि श्रावणी मेला के दौरान उन्होंने कांवरिया पथ पर स्थित एक होटल में भोजन किया था. उनके अनुसार, परोसा गया चावल काफी ठंडा था. खाना खाने के कुछ घंटे बाद ही दोनों को उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हो गई, जो धीरे-धीरे गंभीर हो गई. इसके बाद तत्काल उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा. हालांकि, भोजन और बीमारी के बीच संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
भोजन की गुणवत्ता पर उठे सवाल, प्रशासन से निगरानी की मांग
घटना के बाद कांवरिया पथ पर भोजनालयों में परोसे जा रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं. श्रावणी मेला के दौरान देशभर से लाखों श्रद्धालु बाबाधाम की यात्रा पर निकलते हैं. ऐसे में होटलों, ढाबों और भोजनालयों में स्वच्छ, ताजा और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है. स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच और निगरानी बढ़ाने की मांग की है, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.
