श्रावणी मेला के 20वें दिन मंगलवार को रुक-रुककर हुई रिमझिम बारिश ने कांवरिया पथ के माहौल को खुशनुमा बना दिया. बारिश के कारण मौसम ठंडा रहा, जिससे बाबा धाम की ओर पैदल यात्रा कर रहे कांवरियों को गर्मी और उमस से राहत मिली. मौसम अनुकूल होते ही अधिकांश श्रद्धालु बिना रुके अपने कदम बढ़ाते नजर आए. रिमझिम फुहारों ने कच्चे कांवरिया पथ को भी काफी आरामदायक बना दिया.
चाय की चुस्कियों के साथ दूर की थकान
बारिश के बीच रास्ते में जगह-जगह लगे नि:शुल्क सेवा शिविरों और दुकानों के चाय काउंटर पर कांवरियों की भीड़ दिखाई दी. श्रद्धालुओं ने गर्म चाय की चुस्कियों के साथ कुछ देर विश्राम किया और फिर कांवर उठाकर देवघर की ओर बढ़ गए. सेवा शिविरों में भी कांवरियों को बारिश के दौरान आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं.
तेज बारिश में रैन शेल्टर बना सहारा
कई जगह तेज बारिश होने पर कांवरियों ने टेंट सिटी, सरकारी और निजी धर्मशालाओं, पर्यटन विभाग के कैफेटेरिया तथा रैन शेल्टरों का सहारा लिया. श्रद्धालु बारिश थमने का इंतजार करते रहे. जैसे ही बारिश की रफ्तार कम हुई, कांवरियों ने फिर अपनी यात्रा शुरू कर दी.
कई महिला और पुरुष श्रद्धालु प्लास्टिक ओढ़कर बारिश के बीच भी कांवर यात्रा करते नजर आए. मौसम की प्रतिकूलता भी उनकी आस्था और उत्साह को कम नहीं कर सकी.
बारिश में झूमते नजर आए कांवरिये
रिमझिम बारिश के बीच कांवरिया पथ पर भक्ति और उत्साह का अनूठा नजारा देखने को मिला. सुहाने मौसम का आनंद लेते हुए कई कांवरिये खुशी से झूमते और नाचते हुए बाबा धाम की ओर बढ़ते दिखाई दिए. उनके चेहरे पर थकान के बजाय उत्साह नजर आया.
हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा कांवरिया पथ
पूरे कांवरिया पथ पर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोलबम का नारा है, बाबा एक सहारा है’ के जयघोष गूंजते रहे. रिमझिम फुहारों के बीच कांवरियों की टोली भक्ति गीतों और जयकारों के साथ आगे बढ़ती रही. बारिश ने जहां मौसम को सुहाना बनाया, वहीं कांवरियों की आस्था और उमंग ने श्रावणी मेले की रौनक को और बढ़ा दिया.
