Banka News: कटोरिया (बांका). गंभीर बीमारियों की जांच के लिए अब 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को हर बार अस्पताल का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा. स्वास्थ्य विभाग ने ऐसा अभियान शुरू किया है, जिसमें मेडिकल टीम सीधे लोगों के घर पहुंचेगी और वहीं उनकी सेहत की जांच करेगी. ‘जांच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत घर-घर जाकर गैर संचारी रोगों यानी एनसीडी की स्क्रीनिंग की जाएगी.
इस अभियान का सबसे बड़ा फोकस उन बीमारियों की समय रहते पहचान करना है, जो लंबे समय तक शरीर में पनपती रहती हैं और शुरुआत में इनके लक्षण आसानी से नजर नहीं आते. शुगर, ब्लड प्रेशर और कैंसर जैसी बीमारियों की शुरुआती जांच होने से मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.
मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के कार्यक्रम का हुआ सीधा प्रसारण
बुधवार को कटोरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ‘जांच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार’ कार्यक्रम के उद्घाटन का सीधा प्रसारण किया गया. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार द्वारा कार्यक्रम के उद्घाटन के बाद स्थानीय स्तर पर भी अभियान की शुरुआत की गयी.
कटोरिया सीएचसी में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विनोद कुमार एवं हेल्थ मैनेजर अमरेश कुमार ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया. इसके बाद स्वास्थ्यकर्मियों ने 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की एनसीडी जांच भी शुरू की.
2 सितंबर से 30 नवंबर तक चलेगा अभियान
स्वास्थ्य विभाग के इस अभियान के तहत 30 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों की स्वास्थ्य जांच की जाएगी. मेडिकल टीम घर-घर जाकर लोगों की शुगर, ब्लड प्रेशर, कैंसर समेत विभिन्न गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग करेगी.
इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने टीम का गठन किया है. इसमें सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी यानी सीएचओ, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया है. इन स्वास्थ्यकर्मियों की मदद से लोगों तक पहुंचकर उनकी जांच की जाएगी, ताकि स्वास्थ्य संबंधी परेशानी सामने आने पर उसे नजरअंदाज न किया जाए.
बीमारी गंभीर होने से पहले होगी पहचान
अभियान का उद्देश्य केवल जांच तक सीमित नहीं है. स्वास्थ्य विभाग चाहता है कि बीमारी की शुरुआती अवस्था में ही उसकी पहचान हो और जरूरत के मुताबिक मरीज को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सके.
जांच के बाद रिपोर्ट के आधार पर जिन लोगों को आगे इलाज की जरूरत होगी, उन्हें नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा जाएगा. वहां उनका अविलंब उपचार शुरू करने की व्यवस्था की जाएगी. इससे बीमारी को गंभीर रूप लेने से पहले नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है.
एनसीडी पोर्टल पर दर्ज होगा पूरा रिकॉर्ड
अभियान के दौरान लोगों की जांच और उपचार से जुड़ी जानकारियों को एनसीडी पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा. इससे मरीजों के स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी. साथ ही आगे की चिकित्सा व्यवस्था और मरीज की निगरानी में भी सुविधा होगी.
यानी घर पर हुई जांच केवल एक दिन की प्रक्रिया नहीं रहेगी, बल्कि उससे जुड़ी जानकारी स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में भी दर्ज होगी. इससे जरूरत पड़ने पर मरीज के आगे के उपचार को ट्रैक करने में मदद मिल सकती है.
Banka News: कटोरिया सीएचसी में भी हुई लोगों की जांच
कार्यक्रम के उद्घाटन के बाद बुधवार को कटोरिया सीएचसी में 30 वर्ष से अधिक उम्र के काफी संख्या में लोगों की एनसीडी जांच की गयी. स्वास्थ्यकर्मियों ने लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने के प्रति जागरूक किया.
स्वास्थ्य विभाग की इस पहल को लेकर लोगों में भी उत्साह देखा गया. खासकर ऐसे लोगों के लिए घर तक स्वास्थ्यकर्मियों की पहुंच महत्वपूर्ण होगी, जो किसी कारण से नियमित रूप से अस्पताल जाकर जांच नहीं करा पाते हैं.
कार्यक्रम के मौके पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विनोद कुमार, हेल्थ मैनेजर अमरेश कुमार, डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. अरुणिमा, डॉ. आरफा, बीसीएम मुकेश कुमार, काउंसलर राजवीर कुमार समेत बड़ी संख्या में एएनएम एवं स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे.
Also Read: “बाप रे! सब कुछ बह गया…”, नेपाल बाढ़ त्रासदी से भटककर मुजफ्फरपुर पहुंची डरी-सहमी महिला
Also Read: बिहार में बढ़ रहा बाढ़ का खतरा, गंगा-गंडक के बाद सोन भी उफनाई, 56 गेट खुले, कई इलाकों में तबाही
