स्मार्ट विलेज में विद्यालय भवन निर्माण में बरती जा रही अनियमितता, विभाग मौन

विद्यालय भवन निर्माण में स्थानीय घटिया ईटों का उपयोग किया जा रहा है

रजौन. बिहार के पहले स्मार्ट विलेज बाबरचक में नवसृजित प्राथमिक विद्यालय परिसर में विद्यालय भवन निर्माण में संवेदक द्वारा भारी अनियमितता बरती जा रही है. यहां दिलचस्प पहलू यह है की कार्यस्थल पर योजना से संबंधित कोई भी बोर्ड नहीं लगाया गया है. जबकि नियमानुसार कार्यस्थल पर बोर्ड लगा होना अनिवार्य है. इधर विद्यालय भवन निर्माण में स्थानीय घटिया ईटों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे भवन की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा हो रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि जब सरकार राशि खर्च कर रही है तो इसमें अनियमितता बरतने का अधिकार किसी को नहीं है. ग्रामीणों का यह भी कहना है की इस विद्यालय भवन से स्मार्ट विलेज के लाभुक तथा बाबरचक निवासियों के बच्चों का भविष्य जुड़ा हुआ है. भवन निर्माण का समय-समय पर विभाग द्वारा निरीक्षण नहीं होने से संवेदक द्वारा मनमानी बरती जा रही है. लाखों रुपये की लागत से बनने वाले इन विद्यालय भवनों में अनियमितता को लेकर यहां के ग्रामीणों ने विभाग को सूचना दी है, लेकिन विभाग चुप्पी साधे हुए है. इस संबंध में बीडीओ अंतिमा कुमारी ने बताया कि विद्यालय भवन निर्माण में अनियमितता की जांच की जायेगा. आरोप सत्य पाये जाने पर संवेदक पर कार्रवाई की जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >