कांवरियों के लिए ''कूलिंग प्वाइंट'' बनी गोड़ियारी नदी, जल-क्रीड़ा से मिट रही थकान, स्नान से हो रहे तरोताजा

गोड़ियारी नदी श्रावणी मेले के दौरान कांवरियों के लिए एक प्रमुख पड़ाव बन गई है। यहां श्रद्धालु यात्रा की थकान मिटाकर ठंडी जलधारा में स्नान कर रहे हैं और फोटोग्राफी का भी आनंद ले रहे हैं। नदी के किनारे सजी अस्थायी दुकानों पर स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठाया जा रहा है।

श्रावणी मेला के दौरान अजगैबीनाथ धाम से बाबाधाम की ओर बढ़ रहे कांवरियों के लिए गोड़ियारी नदी इन दिनों राहत और सुकून का खास पड़ाव बनी हुई है. सुल्तानगंज से देवघर के बीच बिहार-झारखंड सीमा पर दुम्मा बॉर्डर से करीब पांच किलोमीटर पहले स्थित इस नदी में बड़ी संख्या में कांवरिया यात्रा की थकान मिटाते नजर आ रहे हैं. कोई ठंडी जलधारा में स्नान कर खुद को तरोताजा कर रहा है, तो कोई नदी किनारे बैठकर कुछ देर आराम कर रहा है.

ठंडी जलधारा में उतरकर मिटा रहे यात्रा की थकान

कांवरिया पथ पर लगातार पैदल यात्रा करने के बाद श्रद्धालु गोड़ियारी नदी पहुंचकर कुछ देर रुक रहे हैं. कई कांवरिया नदी में डुबकी लगाकर थकान दूर करते हैं, जबकि कुछ श्रद्धालु जलधारा में उतरकर जलक्रीड़ा करते दिखाई देते हैं. बरसात के मौसम में नदी का बहाव तेज होने के कारण श्रद्धालु सावधानी के साथ स्नान कर रहे हैं. नदी किनारे कुछ समय बिताने के बाद कांवरिया फिर बाबाधाम की ओर अपनी यात्रा शुरू कर देते हैं.

सेल्फी और फोटोग्राफी का भी बना खास स्पॉट

घोड़ा पर फोटो खिचवाते श्रद्धालु.

गोड़ियारी नदी अब केवल विश्राम का स्थान नहीं रह गई है. यह कांवरियों के लिए फोटोग्राफी और सेल्फी का भी आकर्षक केंद्र बन गई है. परिवार के साथ यात्रा कर रहे श्रद्धालु नदी के बीच और किनारे तस्वीरें खिंचवाकर यात्रा की यादों को कैमरे में कैद कर रहे हैं. बच्चों और युवाओं में सेल्फी को लेकर खास उत्साह दिखाई दे रहा है.

नदी के बीच सजीं चाय-नाश्ते की दुकानें

गगोड़ियारी नदी के पास से बाबाधाम जाते कांवरिये.

गोड़ियारी नदी के बीच कई जगहों पर अस्थायी दुकानें भी सज गई हैं. यहां चाय, नाश्ता, चाट, चाउमिन, घुघनी और मसाला डोसा समेत कई खाद्य पदार्थ उपलब्ध हैं. यात्रा की थकान मिटाने के लिए कांवरिया इन दुकानों पर कुछ देर बैठकर चाय-नाश्ता कर रहे हैं. नदी के आसपास बने अस्थायी शिविर भी श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे हैं.

शिवलिंग के साथ तस्वीरें ले रहे कांवरिया

नदी में जगह-जगह छोटे-बड़े शिवलिंग स्थापित किए गए हैं. कांवरिया इन शिवलिंगों के पास पहुंचकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं और इसके बाद तस्वीरें भी खिंचवा रहे हैं. बच्चों और युवाओं में यहां फोटो और सेल्फी लेने को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है. धार्मिक आस्था के साथ यह स्थान कांवरियों के लिए यात्रा का यादगार पड़ाव बन गया है.

आस्था के साथ मनोरंजन का अनोखा संगम

गोड़ियारी नदी का यह पड़ाव कांवरियों के लिए आराम, मनोरंजन और धार्मिक आस्था का अनोखा संगम बन गया है. दुम्मा बॉर्डर की ओर आगे बढ़ने से पहले बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां कुछ पल ठहरकर नई ऊर्जा हासिल कर रहे हैं. नदी किनारे उमड़ रही कांवरियों की भीड़ और रंग-बिरंगे परिधानों में सजे शिवभक्तों का दृश्य पूरे कांवरिया पथ को भक्तिमय बना रहा है.


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लेखक के बारे में

By दीपक चौधरी

दीपक चौधरी प्रिंट माध्यम में 23 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. कटोरिया (बांका) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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