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मृतका की मां ने डॉ संजीव के विरुद्ध करायी प्राथमिकी दर्जमृतका की मां ने आरोप लगाया कि सिटी अस्पताल बांका के संचालक संजीव कुमार के द्वारा उनकी सात माह की पुत्री को गलत सुई के ओवरडोज लगाने से हो गयी मौत
बांका. विगत दिन गुरुवार को शहर के सिटी हॉस्पिटल में गलत सुई के ओवरडोज लगाने से मासूम बच्ची की मौत मामले में अस्पताल संचालक डॉ संजीव को पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करते हुए जेल भेज दिया है. इस मामले में भागलपुर जिला के नाथनगर थाना अंतर्गत गोसाईंदासपुर निवासी प्रियम कुमारी, पति बासुदेव झा ने सदर थाना में झोला छाप चिकित्सक सह हॉस्पिटल संचालक डॉ संजीव कुमार के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी थी. ज्ञात हो कि इस अस्पताल में पूर्व में भी कई मौतें गलत इलाज की वजह से हुई है.बिना जांच दवा देने से हुई बच्ची की मौत
प्रियम कुमारी ने पुलिस को बताया कि वह जगतपुर शिवनगर स्थित अपने मायके आयी हुई थी. गुरुवार करीब 11 बजे सुबह उनकी पुत्री आद्या झा को वायरल बुखार होने के कारण मायके से करीब 200 मीटर की दूरी पर स्थित सिटी अस्पताल बांका लेकर आयी. अस्पताल में पर्ची कटाकर उन्हें बच्ची के साथ डॉ संजीव कुमार के पास भेज दिया गया. डॉ संजीव कुमार ने बिना आला लगाये व बच्ची की उपयुक्त जांच किये बगैर ही पर्ची पर दवा व सूई लिख दिया और कहा कि बाहर कंपाउंडर से सुई लगवा लो. अस्पताल के ही मेडिकल से कंपाउंडर सवा दो एमएल की सुई उनकी बेटी को लगा दिया. सुई लगते ही पांच मिनट के अंदर बच्ची को चक्कर आने लगा और वह तिलमिलाने लगी. डॉ संजीव ने कहा कि बच्ची को घर ले जाकर ठंडे स्थान पर लेटा दो, ठीक हो जायेगी. जैसे ही वह बच्ची को अपने मां के साथ घर लेकर पहुंची, उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी. साथ ही बच्ची की मुंह से झाग निकलने लगा. आनन-फानन में वह पुत्री को लेकर सिटी अस्पताल दोबारा पहुंच गयी, लेकिन वहां कंपाउंडर ने उन्हें फटकार कर बाहर कर दिया और गेट बंद कर दिया. जब वह आवाज लगाने लगी तो छत से डॉक्टर संजीव कुमार ने चिल्लाते हुए बोला कि भागो यहां से यहां कोई इलाज नहीं होगा. उन्होंने बताया कि डॉ संजीव झोलाछाप डॉक्टर है. उसके गलत इलाज करने के कारण उनकी बेटी आद्या झा की मृत्यु हो गयी. यह भी बताया कि संजीव कुमार के पास कोई डिग्री नहीं है. संजीव के चिल्लाने के बाद वह पुत्री को लेकर सदर अस्पताल दौड़ी, लेकिन वहां करीब 01.15 बजे चिकित्सक ने उनकी पुत्री को मृत घोषित कर दिया. पीड़िता ने कहा कि उनकी पुत्री की मौत की वजह डॉ संजीव, कंपाउंडर व कर्मचारी हैं. उन्होंने सभी के ऊपर कानूनी कार्रवाई कर न्याय दिलाने की मांग की है.
