शंभुगंज में यूरिया खाद की किल्लत से किसान परेशान, उच्चस्तरीय जांच की मांग
सरकार भले ही किसानों को समय पर यूरिया उपलब्ध कराने के कितने ही दावे कर रही हो, लेकिन शंभुगंज में हकीकत कुछ और ही बयां कर रही हैं.
शंभुगंज. सरकार भले ही किसानों को समय पर यूरिया उपलब्ध कराने के कितने ही दावे कर रही हो, लेकिन शंभुगंज में हकीकत कुछ और ही बयां कर रही हैं. प्रखंड क्षेत्र के किसानों को जरूरत के मुताबिक यूरिया खाद नहीं मिल पा रहा है, जिससे वे भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं. बताया जाता है कि शंभुगंज बाजार में बीते एक सप्ताह के दौरान कृषि केंद्र संचालकों को 2000 से अधिक पैकेट यूरिया उपलब्ध कराया गया. इसके बावजूद जरूरतमंद किसान यूरिया से वंचित रह गये. मजबूरी में किसानों को या तो कालाबाजारी से या फिर ऊंचे दामों पर यूरिया खरीदना पड़ रहा हैं. कृषि केंद्र पर जैसे ही यूरिया उपलब्ध होता है, हजारों की संख्या में किसान उमड़ पड़ते हैं. लंबी कतारों में खड़े रहने के बावजूद किसानों के सामने ही यूरिया खत्म हो जाती है और अधिकांश को खाली हाथ लौटना पड़ता हैं. किसानों का कहना है कि प्रखंड में जो यूरिया पहुंच रहा है, वह केवल कागजी वितरण और कोटा पूर्ति तक सीमित रह जा रहा हैं. असली सवाल यह है कि शेष यूरिया रातों-रात कहां जा रहा है, इसका कोई ठिकाना नहीं हैं. यूरिया की किल्लत से प्रखंड क्षेत्र में हाहाकार मचा हुआ हैं. किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए प्रखंड क्षेत्र के रायपुरा गांव के किसान सह आरटीआई कार्यकर्ता सतीश आनंद ने शंभुगंज में हो रही यूरिया की कालाबाजारी और मनमानी के खिलाफ जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी बांका, आयुक्त भागलपुर प्रमंडल सहित प्रधान सचिव कृषि विभाग बिहार सरकार पटना को लिखित आवेदन देते हुए जांच करने का मांग की हैं. उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की हैं. आरटीआई कार्यकर्ता ने कहा कि यदि किसानों को जरूरत के मुताबिक खाद उपलब्ध नहीं कराया गया और दोषी कृषि केंद्र संचालकों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे शंभुगंज प्रखंड मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन और आमरण अनशन शुरू करेंगे. उनका आरोप है कि शंभुगंज में चल रहा यूरिया कालाबाजारी का खेल संबंधित पदाधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा हैं. सतीश आनंद द्वारा शभुगंज बाजार के संजय कृषि केंद्र के संचालक संजय कुमार सिंह और मां भगवती कृषि केंद्र के संचालक पप्पू शर्मा द्वारा सरकारी निर्धारित मूल्य से ज्यादा मूल्य पर खाद बिक्री किया जा रहा हैं. जब किसान विरोध करता है तो दुकानदार द्वारा किसान को एक आधार पर पोस मशीन के द्वारा किसान को दो बोरा यूरिया चार सौ रुपए प्रति बोरा देता है और दुकानदार किसान के आधार कार्ड पर पांच बोरा यूरिया खाद निकाल लेता हैं. वहीं दोनों कृषि केंद्र के संचालक ने बताया कि उन लोगों के द्वारा यूरिया खाद का वितरण सही ढंग से किया जा रहा हैं. वहीं प्रखंड के कृषि पदाधिकारी संकेत तिवारी ने बताया कि क्षेत्र में यूरिया की किल्लत नहीं होने दी जायेगी. उन्होंने कहा कि अभी बौंसी मेला ड्यूटी में हैं. वैसे प्रखंड में लगातार यूरिया की आपूर्ति की जा रही है और निर्धारित नियमों के अनुसार वितरण सुनिश्चित किया जा रहा हैं.
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