डीएलएड नामांकन के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा, बिहार-झारखंड के सैकड़ों छात्र ठगी के शिकार

Banka News : डीएलएड में नामांकन और परीक्षा दिलाने के नाम पर बिहार और झारखंड के सैकड़ों छात्रों से लाखों रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है. छात्रों को फर्जी हॉल टिकट देकर कर्नाटक के बीदर बुलाया गया, जहां पहुंचने पर पूरा खेल उजागर हो गया.

धोरैया (बांका) से प्रदीप कुमार की रिपोर्ट :

बांका जिले के धोरैया प्रखंड से सामने आये डीएलएड फर्जीवाड़े ने छात्रों और अभिभावकों को झकझोर कर रख दिया है. नामांकन, परीक्षा और हॉल टिकट के नाम पर सैकड़ों छात्रों से मोटी रकम वसूली गयी, लेकिन बाद में सभी दस्तावेज फर्जी निकले. मामले को लेकर धोरैया के ताहिरपुर गांव निवासी छात्र मो नूरुउल्लाह ने कर्नाटक के बीदर एसपी को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है.

पीड़ित छात्रों का आरोप है कि धोरैया के कुरमा निवासी मो जुनैद, झारखंड के नयानगर निवासी मो. आदिल और बसंतराय निवासी मो ओसामा ने एजेंट बनकर छात्रों से पैसे लिये. छात्रों को पहले उत्तर प्रदेश के शिकोहाबाद में नामांकन कराने की बात कही गयी, लेकिन बाद में कर्नाटक के बीदर स्थित एक कॉलेज में एडमिशन होने की जानकारी दी गयी.

फर्जी हॉल टिकट देकर बुलाया गया बीदर

छात्रों ने बताया कि सात मई 2026 को अचानक एक सोशल साइट ग्रुप में मैसेज भेजकर सूचना दी गयी कि 12 मई से डीएलएड परीक्षा शुरू होगी. इसके बाद प्रत्येक छात्र से 20 हजार रुपये जमा कराने की मांग की गयी. एजेंटों ने कहा कि 65 प्रतिशत राशि जमा करने के बाद ही हॉल टिकट मिलेगा. छात्रों का कहना है कि केवल धौरैया क्षेत्र के ही 100 से अधिक छात्र ठगी के शिकार हुए हैं, बिहार और झारखंड के सैकड़ों छात्र प्रभावित हैं. मो. नूरुउल्लाह ने बताया कि उनके भाई मो अनवारूल, जो मुंबई में रहते हैं, वे भी परीक्षा देने बीदर पहुंचे थे.पीड़ित छात्रों के अनुसार, 10 मई तक किसी को हॉल टिकट नहीं दिया गया. अगले दिन एक युवक लॉज में टिकट लेकर पहुंचा, लेकिन किसी टिकट पर हस्ताक्षर नहीं थे, तो किसी में फोटो गायब था. जांच के दौरान सभी हॉल टिकट फर्जी निकले.

कॉलेज पहुंचते ही खुल गयी पोल

जब छात्र संबंधित कॉलेज पहुंचे तो वहां पता चला कि संस्थान पहले से ब्लैकलिस्टेड है और किसी भी छात्र का नामांकन नहीं हुआ है. इसके बाद छात्रों में हड़कंप मच गया. छात्रों का कहना है कि केवल धोरैया क्षेत्र के ही 100 से अधिक छात्र ठगी के शिकार हुए हैं, जबकि बिहार और झारखंड के करीब 500 छात्र प्रभावित हैं.

सीटेट तक भरवा दिया फॉर्म

मो नूरुउल्लाह ने बताया कि वर्ष 2025 में प्रथम वर्ष की परीक्षा होनी थी, लेकिन परीक्षा नहीं ली गयी. बाद में छात्रों को यह कहकर टाल दिया गया कि सत्र विलंब से चल रहा है. फरवरी 2026 में छात्रों से सीटेट परीक्षा का फॉर्म भी भरवाया गया, जिसमें कई छात्र सफल भी हुए.

कार्रवाई की मांग

पीड़ित छात्रों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. छात्रों का कहना है कि इस फ्रॉड के कारण उनका भविष्य अधर में लटक गया है और लाखों रुपये भी डूब गये हैं.

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Author: AMIT KUMAR SINH

AMIT KUMAR SINH is a contributor at Prabhat Khabar.

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