सड़क किनारे खड़ा सूखा विशालकाय पेड़ बना खतरा, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
Banka News : रजौन प्रखंड मुख्यालय जाने वाले मार्ग पर एक सूखा विशालकाय शीशम का पेड़ लोगों के लिए खतरे की घंटी बन चुका है. पेड़ के नीचे से 11 हजार वोल्ट का हाईटेंशन तार भी गुजर रहा है. बारिश और तेज हवा के दौरान यह पेड़ कभी भी गिर सकता है, जिससे बड़ा हादसा होने की आशंका जताई जा रही है.
रजौन (बांका) से पीयूष कुमार की रिपोर्ट
Banka News : बांका जिले के रजौन प्रखंड मुख्यालय जाने वाली मुख्य सड़क पर खड़ा एक सूखा शीशम का पेड़ स्थानीय लोगों की चिंता का कारण बना हुआ है. सड़क किनारे वर्षों से खड़ा यह विशालकाय पेड़ पूरी तरह सूख चुका है और तेज हवा या बारिश के दौरान इसके गिरने का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते इसे नहीं हटाया गया तो कोई बड़ी अप्रिय घटना घट सकती है.
मुख्य मार्ग पर खड़ा है सूखा विशालकाय पेड़
रजौन प्रखंड मुख्यालय को जोड़ने वाली सड़क पर स्थित यह शीशम का पेड़ अब पूरी तरह मृत अवस्था में खड़ा है. प्रतिदिन सैकड़ों लोग इसी मार्ग से आवागमन करते हैं. ऐसे में पेड़ के गिरने की स्थिति में राहगीरों और वाहन चालकों की जान जोखिम में पड़ सकती है.
रोहिणी नक्षत्र में बढ़ी चिंता
इन दिनों रोहिणी नक्षत्र के दौरान मौसम में बदलाव की संभावना बनी हुई है. मौसम के मिजाज को देखते हुए तेज हवा और रिमझिम बारिश की आशंका जताई जा रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि तेज हवा के साथ बारिश होती है तो सूखा पेड़ धराशायी हो सकता है.
पेड़ के नीचे से गुजर रहा है 11 हजार वोल्ट का तार
स्थिति को और गंभीर बनाता है पेड़ के नीचे से गुजर रहा 11 हजार वोल्ट का हाईटेंशन बिजली तार. यदि पेड़ अचानक गिरता है तो बिजली आपूर्ति बाधित होने के साथ-साथ शॉर्ट सर्किट और करंट फैलने जैसी खतरनाक स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है.
मार्ग अवरुद्ध होने के साथ जान-माल का भी खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि पेड़ गिरने की स्थिति में मुख्य सड़क पूरी तरह जाम हो सकती है. इसके अलावा राहगीरों, वाहन चालकों और आसपास के लोगों के लिए भी जान-माल का बड़ा खतरा उत्पन्न हो सकता है. दुर्घटना होने पर गंभीर नुकसान से इनकार नहीं किया जा सकता.
प्रशासन से की गयी कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों और राहगीरों ने संबंधित विभाग एवं प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि किसी हादसे का इंतजार करने के बजाय समय रहते सूखे पेड़ को काटकर हटाया जाना चाहिए, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
समय रहते नहीं हुई कार्रवाई तो बढ़ सकता है खतरा
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि जल्द ही इस सूखे विशालकाय शीशम के पेड़ को नहीं हटाया गया तो आगामी बारिश और तेज हवा के दौरान बड़ी दुर्घटना की संभावना बनी रहेगी. ऐसे में प्रशासन की तत्परता ही संभावित हादसे को टाल सकती है.