श्रावणी मेला 2026: वीआइपी सुविधाओं के दावों के बीच बदहाल कच्चे कांवरिया पथ, सब-वे में कीचड़ और तैयारी अधूरी
Banka News : एक ओर बिहार सरकार श्रावणी मेला 2026 में कांवरियों को वीआईपी सुविधाएं देने का दावा कर रही है, तो दूसरी ओर सुल्तानगंज से बाबाधाम जाने वाले कच्ची कांवरिया पथ की जमीनी हकीकत चिंताजनक नजर आ रही है. मेला शुरू होने में दो माह से भी कम समय बचा है, लेकिन कई स्थानों पर पथ बदहाल है, सब-वे में कीचड़ जमा है और बुनियादी सुविधाएं अभी भी दुरुस्ती की प्रतीक्षा कर रही हैं.
कटोरिया (बांका) से दीपक चौधरी की रिपोर्ट
Banka News : विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 का शुभारंभ आगामी 31 जुलाई से होने जा रहा है. सावन माह में लाखों कांवरिये सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर तक पैदल यात्रा करते हैं. हर वर्ष सरकार और जिला प्रशासन की ओर से कांवरियों के लिए कच्ची पथ, पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य, बिजली, सुरक्षा और स्वच्छता जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं. हालांकि इस वर्ष मेला शुरू होने से पहले कच्ची कांवरिया पथ की स्थिति कई सवाल खड़े कर रही है.
वीआइपी सुविधा के दावों के बीच जमीनी हकीकत अलग
बिहार सरकार ने इस वर्ष श्रावणी मेला में कांवरियों को और बेहतर सुविधाएं देने का भरोसा जताया है. सरकार का दावा है कि यात्रा मार्ग पर बुनियादी सुविधाओं को पहले से अधिक सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो. लेकिन वर्तमान स्थिति इन दावों से मेल नहीं खाती दिख रही है.
जगह-जगह बदहाल है कच्ची कांवरिया पथ
धौरी से लेकर दुम्मा बॉर्डर तक कई स्थानों पर कच्ची कांवरिया पथ की स्थिति खराब बनी हुई है. पूर्व में डाला गया बालू बारिश में बह चुका है, जिससे कई जगह कंकड़ और पत्थर बाहर आ गए हैं. कुछ स्थानों पर बालू और मिट्टी दोनों का कटाव हो गया है, जिससे कांवरियों की पैदल यात्रा कठिन हो सकती है.
सब-वे में जमा है कीचड़
जिला नियंत्रण कक्ष के निकट स्थित सब-वे समेत अन्य स्थानों के सब-वे में भी कीचड़ जमा है. बरसात के मौसम में यह स्थिति और गंभीर हो सकती है. ऐसे में प्रशासन को समय रहते सफाई और मरम्मत कार्य कराने की आवश्यकता है, ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी न हो.
शौचालय और स्नानागार को बनाना होगा उपयोगी
कांवरिया पथ पर विभिन्न स्थानों पर पीएचईडी द्वारा निर्मित स्थायी शौचालय और स्नानागार मौजूद हैं, लेकिन इनमें से कई इकाइयों को उपयोग योग्य बनाने की जरूरत है. मेला शुरू होने से पहले इन सुविधाओं की मरम्मत और साफ-सफाई जरूरी मानी जा रही है.
बालू डंपिंग का कार्य शुरू, बिछाव अभी बाकी
कच्ची कांवरिया पथ को सुगम बनाने के लिए गंगा का महीन बालू बिछाया जाता है. फिलहाल संवेदक द्वारा विभिन्न स्थानों पर बालू डंप करने का कार्य शुरू किया गया है. इसके बाद ट्रैक्टरों के माध्यम से धौरी से दुम्मा बॉर्डर तक बालू बिछाने का कार्य किया जाएगा.
बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने में जुटा विभाग
श्रावणी मेला के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बिजली विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं. सहायक अभियंता दिलीप कुमार और कनीय अभियंता युवराज कुमार की निगरानी में मेंटेनेंस कार्य चल रहा है. जर्जर तारों को बदला जा रहा है तथा उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है.
प्रशासनिक निरीक्षण का इंतजार
स्थानीय लोगों का कहना है कि अब तक बड़े स्तर पर प्रशासनिक निरीक्षण शुरू नहीं हुआ है. मेला प्रारंभ होने में सीमित समय बचा है, ऐसे में संबंधित विभागों को युद्धस्तर पर कार्य करते हुए सभी बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करना होगा, ताकि लाखों कांवरियों की यात्रा सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बन सके.