Banka News: बांका जिले के धोरैया प्रखंड की चार पंचायतों में विवाह मंडप निर्माण की योजना एक बार फिर प्रशासनिक प्रक्रिया में उलझ गई है. राजस्व विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) नहीं मिलने के कारण पैर, चलना, चंदाडीह और सिज्झत बलियास पंचायतों में विवाह मंडप का निर्माण शुरू नहीं हो सका है. पहले स्वीकृत राशि समय पर खर्च नहीं होने के कारण वापस चली गई थी. अब दोबारा राशि उपलब्ध कराई गई है, लेकिन NOC नहीं मिलने से निर्माण कार्य अब भी शुरू नहीं हो पाया है.
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर औपचारिकताएं पूरी हो जातीं तो अब तक इन पंचायतों में विवाह मंडप बनकर तैयार हो चुके होते और लोगों को सामाजिक आयोजनों के लिए बेहतर सुविधा मिलती.
NOC के अभाव में बार-बार अटक रही योजना
जानकारी के अनुसार चारों पंचायतों में विवाह मंडप निर्माण के लिए पहले भी राशि स्वीकृत हुई थी. लेकिन राजस्व विभाग से भूमि संबंधी NOC समय पर नहीं मिलने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया. निर्धारित समय तक राशि का उपयोग नहीं होने पर सरकार को वह राशि वापस करनी पड़ी.
अब सरकार ने दोबारा राशि उपलब्ध कराई है, जिससे ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि इस बार योजना धरातल पर उतर सकेगी.
जिले के 11 विवाह मंडपों में चार धोरैया को मिले
धोरैया प्रखंड प्रमुख रंजू देवी ने बताया कि पूरे बांका जिले में कुल 11 विवाह मंडप स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से चार धोरैया प्रखंड के लिए हैं. उन्होंने कहा कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण पहले राशि वापस चली गई थी, लेकिन अब दोबारा राशि प्राप्त हो गई है.
उन्होंने बताया कि पंचायतों में जल्द निर्माण शुरू कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और अंचल कार्यालय से शीघ्र NOC जारी करने का अनुरोध किया गया है.
विवाह मंडप बनने से ग्रामीणों को मिलेगी बड़ी सुविधा
ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक विवाह मंडप सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए महत्वपूर्ण आधारभूत सुविधा माने जाते हैं. इनका निर्माण होने से शादी-विवाह, सामाजिक कार्यक्रम, बैठक और अन्य सामुदायिक गतिविधियों के लिए लोगों को निजी स्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा.
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से इस योजना का इंतजार किया जा रहा है. यदि जल्द NOC जारी हो जाए तो निर्माण कार्य शुरू होकर लोगों को इसका लाभ मिल सकेगा.
Banka News: अब NOC मिलने पर टिकी सबकी नजर
फिलहाल चारों पंचायतों में विवाह मंडप निर्माण की पूरी प्रक्रिया राजस्व विभाग की NOC पर निर्भर है. स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि शीघ्र अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है तो निर्माण कार्य में किसी प्रकार की बाधा नहीं रहेगी और स्वीकृत राशि का समय पर उपयोग हो सकेगा.
Also Read: हाजीपुर से चिराग पासवान ने कर दिया ऐलान, यूपी की सभी 403 सीटों पर उतारेंगे उम्मीदवार
