धोरैया में कचरा प्रबंधन की नयी व्यवस्था पर हुई चर्चा, अब स्वच्छता कर्मियों को गंगा ग्राम ऐप दर्ज करानी होगी उपस्थिति
Banka News : धोरैया प्रखंड में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की तैयारी शुरू हो गई है. बीडीओ ने पंचायत स्तर पर विशेष ग्राम सभा, वृक्षारोपण और सफाई अभियान को तेज करने के निर्देश देते हुए स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर जोर दिया.
धोरैया (बांका) से प्रदीप कुमार की रिपोर्ट
Banka News : धोरैया प्रखंड कार्यालय में बीडीओ अरविंद कुमार की अध्यक्षता में स्वच्छता पर्यवेक्षकों, पंचायत सचिवों एवं प्रखंड समन्वयकों की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में स्वच्छता कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रमों को गति देने की रणनीति तैयार की गई.
हर पंचायत में होगी विशेष ग्राम सभा
बैठक में बीडीओ ने निर्देश दिया कि प्रखंड की सभी पंचायतों में विशेष ग्राम सभा आयोजित की जाए. इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास से जुड़ी योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाना तथा स्थानीय स्तर पर लोगों की सहभागिता बढ़ाना है.
पौधारोपण और सफाई अभियान पर विशेष जोर
बीडीओ ने कहा कि प्रत्येक पंचायत में पौधारोपण कार्यक्रम के साथ-साथ व्यापक सफाई अभियान भी चलाया जाए. उन्होंने स्वच्छ और हरित वातावरण के निर्माण के लिए पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मियों को सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया.
एक सप्ताह में करें मानदेय का भुगतान
स्वच्छता कर्मियों के बकाया मानदेय को लेकर बीडीओ ने पंचायत सचिवों को स्पष्ट निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर सभी लंबित भुगतान का निपटारा किया जाए. उन्होंने कहा कि कर्मियों का समय पर भुगतान सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है.
नियमित कूड़ा उठाव और यूजर चार्ज पर बल
बैठक में स्वच्छता कर्मियों द्वारा नियमित रूप से कूड़ा संग्रहण कराने तथा यूजर चार्ज की वसूली सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया. अधिकारियों ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए यह आवश्यक कदम है.
गंगा ग्राम ऐप से होगी नियमित मॉनिटरिंग
कर्मियों के कार्यों की निगरानी और वेतन भुगतान में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी स्वच्छता कर्मियों की उपस्थिति गंगा ग्राम ऐप पर दर्ज कराने का निर्देश दिया गया. इससे कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग भी संभव हो सकेगी.
सूखा व गीला कचरा को अलग किया जायेगा
बैठक में सर्वोच्च न्यायालय की नई गाइडलाइन के अनुरूप कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा हुई. अधिकारियों ने बताया कि कचरे को सूखा, गीला, जैविक और अप्रयुक्त अथवा खतरनाक श्रेणियों में विभाजित कर उसका संग्रहण एवं निस्तारण किया जाएगा. इससे पुनर्चक्रण को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी.
कई अधिकारी और कर्मी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में पंचायत सचिव अवधेश कुमार, वीरेंद्र कुमार, मनीष कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे. बैठक के अंत में सभी को पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता से जुड़े लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया गया.