चौहरमल मंदिर के प्रांगण में दहकते अंगारों पर नंगे पांव चलेंगे श्रद्धालु

चौहरमल मंदिर के प्रांगण में दहकते अंगारों पर नंगे पांव चलेंगे श्रद्धालु

प्रतिनिधि, बौंसी. आगामी 11 फरवरी को मनियारपुर गांव स्थित चौहरमल मंदिर के प्रांगण में झील मेला का आयोजन किया जायेगा. मेले में दहकते अंगारों पर खाली पांव लोकनायक चौहरमल को मानने वाले उनके अनुयायी और भक्त चलेंगे. इतना ही नहीं तेज धार वाले तलवार की धार पर खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य देंगे. कार्यक्रम को बेहतर तरीके से संपन्न करने के लिए शनिवार को मनियारपुर गांव स्थित चौहरमल मंदिर में बैठक की गयी. बैठक मैं भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद हुए. जिसमें सर्वसम्मति से अध्यक्ष पद के लिए विक्रम पासवान, सचिव पद के लिए मुकेश पासवान, कोषाध्यक्ष के लिए अजय पासवान और उपाध्यक्ष के लिए रंजीत पासवान का चयन किया गया. साथ ही अन्य कार्यकारिणी सदस्यों का भी चयन किया गया है.

लगातार नृत्य पर मिलेगा पुरस्कार

मौके पर राजा सहलेश की पूजा अर्चना की जायेगी. बताया जाता है कि राजा चौहरमल उनके सैनिक कमांडर थे. मौके पर बिहार, झारखंड के 50 गांवों के श्रद्धालु वहां पहुंचेंगे. बताया गया कि इस मौके पर चौहरमल के साथ-साथ राजा सहलेश से संबंधित गीत पर नृत्य का आयोजन किया जायेगा. लगातार 12 घंटे तक जो गीत के साथ नृत्य करेंगे उन्हें विजेता घोषित करने के साथ-साथ पुरस्कृत भी किया जायेगा. कार्यक्रम में सांसद चिराग पासवान को भी आमंत्रित किया. पिछले 7 वर्षों के बाद यह कार्यक्रम किया जा रहा है. पारंपरिक तरीके से पूजा-अर्चना के बाद यहां पर 11 खस्सी की बलि भी दी जायेगी.

कौन है राजा चौहरमल

समिति के कोषाध्यक्ष ने बताया कि राजा चौहरमल एक लोकनायक थे, जिन्हें बाद में दुसाध जाति के लोग पूज्य मानने लगे. दुसाध जाति की लोक कथाओं में इनकी कहानी है. बताया जाता है कि मोकामा अंचल के घोरौनी टोला शंकरबाढ़ में चार अप्रैल 1313 को इनका जन्म हुआ था. यह बहुजनों के महानायक थे, इनको राजा सहलेश का सैनिक कमांडर माना जाता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >