बांका जिले में मानसून की बेरुखी के बीच अगले पांच दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है. 16 अगस्त तक आसमान में आंशिक से घने बादल छाए रह सकते हैं और जिले के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने का अनुमान है. बारिश की कमी के कारण धनरोपनी का काम प्रभावित हुआ है और किसान खेतों में पर्याप्त पानी का इंतजार कर रहे हैं. इधर, उमस भरी गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है.
पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेतों में धनरोपनी प्रभावित
गत बुधवार की सुबह करीब 8 बजे से अश्लेषा नक्षत्र शुरू हो चुका है. किसानों को उम्मीद है कि नक्षत्र के दौरान अच्छी बारिश होगी, लेकिन कमजोर मानसून के कारण फिलहाल जिले में छिटपुट बारिश के ही आसार बने हुए हैं. पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेतों में धनरोपनी प्रभावित हुई है. किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बारिश का इंतजार कर रहे हैं.
हालांकि आसमान में बादलों की आवाजाही बनी हुई है, लेकिन सुबह से दोपहर तक तेज धूप ने लोगों को परेशान किया. दोपहर बाद धूप और छांव का खेल जारी रहने की संभावना है. बादल छाने के बावजूद बारिश नहीं होने से उमस और बढ़ रही है.
34 डिग्री तापमान में उमस ने बढ़ाई परेशानी
बांका में उमस भरी गर्मी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है. दिन का चैन और रात की नींद तक प्रभावित हो रही है. तापमान में अपेक्षित गिरावट नहीं आने से गर्मी का असर बरकरार है. गुरुवार को जिले का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया.
मौसम विभाग के अनुसार जिले में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है. इस दौरान गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है. आसमान में आंशिक बादल छाए रहने का अनुमान है.
16 अगस्त तक बारिश के साथ तेज हवा के भी संकेत
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आगामी 16 अगस्त तक जिले में मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. इस दौरान अधिकतम तापमान 35 से 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है. सुबह के समय उमस अधिक रहने का अनुमान है.
सुबह सापेक्ष आर्द्रता 80 से 85 प्रतिशत और दोपहर में 60 से 65 प्रतिशत के आसपास रह सकती है. इस दौरान करीब 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पुरबा हवा चलने की संभावना है. कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवा भी चल सकती है.
बारिश की संभावना से किसानों को राहत की उम्मीद
मौसम में संभावित बदलाव का सीधा असर खेती-किसानी पर पड़ सकता है. धनरोपनी के लिए बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को हल्की बारिश से कुछ राहत मिल सकती है. हालांकि अच्छी और व्यापक बारिश नहीं होने पर खेती का संकट बना रह सकता है.
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को मौसम की स्थिति को देखते हुए खेतों में दवा का छिड़काव और अन्य जरूरी कृषि कार्य करने की सलाह दी है. बारिश या तेज हवा की संभावना के दौरान कृषि कार्य करने से बचने और मौसम साफ होने का इंतजार करने को कहा गया है.
