शंभुगंज सीएचसी का सिविल सर्जन ने किया औचक निरीक्षण
कर्तव्य में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जायेगी.
– अव्यवस्था देख लगाया डांट फटकार, सुधार लाने की नसीहत शंभुगंज. शंभुगंज प्रखंड क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शंभुगंज का बांका जिला सिविल सर्जन डा. जितेंद्र कुमार सिंह ने गुरूवार को औचक निरीक्षण किये. इस मौके पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा. अजय शर्मा, हेल्थ मैनेजर अमित कुमार पंकज सहित सभी स्वास्थ्य कर्मी रोस्टर डियुटी के अनुसार तैनात थे. जहां निरीक्षण के क्रम में स्वास्थ्य व्यवस्था में भारी लापरवाही और अव्यवस्था को देखकर सिविल सर्जन ने नाराजगी जाहिर की. जानकारी के अनुसार सिविल सर्जन डॉक्टर जितेंद्र कुमार सिंह गुरुवार की दोपहर करीब 12:30 बजे सीएचसी शंभुगंज का औचक निरीक्षण करने पहुंच गये. जहां सीएचसी में अव्यवस्था और कर्मियों की लापरवाही को देखकर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा. अजय शर्मा के साथ-साथ कई चिकित्सकों और कर्मियों को जमकर डांट फटकार लगाते हुए आदत में सुधार लाने की नसीहत दी. उन्होंने स्पष्ट कहा कि कर्तव्य में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जायेगी. सीएचसी शंभुगंज पहुंचे सिविल सर्जन सबसे पहले प्रभारी के कक्ष में गये. जहां सीसीटीवी के स्क्रीन पर ड्युटी कर रहे सभी कर्मियों व चिकित्सकों को देखे. जिसके बाद फिर सीएचसी की हर व्यवस्था की जांच करना शुरू कर दिये. सिविल सर्जन ने ओटी, प्रसव कक्ष, ओपीडी, डेन्टल चिकित्सक कक्ष, लैंब कक्ष, इमरजेंसी वार्ड व कंप्यूटर कक्ष, दवा के रजिस्टरों की बारीकी से जांच किये. जहां इसके बाद जच्चा बच्चा कक्ष पहुंचे सिविल सर्जन ने सरकारी कंबल के बजाय मरीज के द्वारा अपने-अपने घर से ले गये कंबल का युज करते देख भड़क गये और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के साथ-साथ स्वास्थ्य प्रबंधक को भी जमकर डांट लगाये. इसी क्रम में डा. ड्युटी पर तैनात डाॅक्टर के द्वारा मरीज इंट्री पंजी में किये गये लापरवाही देखकर उसका वेतन बंद करने की कारवाई की. सीएचसी कर्मियों की उपस्थिति पंजी की मांग पर पंजी लाने में विलंब होते देख की सीएस बिफर पड़े. वहीं गंदगी देख बिफर गये और स्वीपर को बुलाकर जमकर डांट फटकार लगाते हुए अविलंब साफ-सफाई करने का निर्देश दिये. निरीक्षण के क्रम में अस्पताल से निकलते वक्त सिविल सर्जन अस्पताल के सुरक्षा गार्ड के साथ-साथ चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी की परेड कराते हुए उन्हें कर्तव्य और मरीज सेवा का पाठ पढ़ाये. इसके बाद प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और स्वास्थ्य प्रबंधक को अस्पताल में मरीजों की संख्या को देखते हुवे महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग ओपीडी सेवा बहाल करने अस्पताल को बेहतर ढंग से साफ सफाई रखने, स्वास्थ्य कर्मियों पर नियंत्रण रखना बेहतर ढंग से मरीजों को स्वास्थ्य सेवा का लाभ देने सहित कई आवश्यक दिशा निर्देश दिये.
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