बौंसी के लोगों ने संस्कार और शिक्षा के साथ समाज निर्माण करने का लिया संकल्प
Ang Sanskarshala : बौंसी में आयोजित अंग संस्कारशाला की कोर कमेटी बैठक में शिक्षा, संस्कार और सामाजिक दायित्वों को लेकर व्यापक चर्चा हुई. बैठक में बच्चों और युवाओं के सर्वांगीण विकास, नैतिक मूल्यों के संवर्धन तथा समाज निर्माण में संस्कार आधारित शिक्षा की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया. साथ ही आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय की गयी.
बौसी, (बांका) से संजीव पाठक की रिपोर्ट
Banka News : बौंसी प्रखंड की सांगा पंचायत में अंग संस्कारशाला की प्रस्तावित कोर कमेटी की बैठक आयोजित की गई, जिसमें संगठन विस्तार, शिक्षा, संस्कार, संस्कृति और समाज जागरण को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. बैठक में वक्ताओं ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों और संस्कारों का समावेश भी आवश्यक है. साथ ही समाज में जनजागरण अभियान चलाकर शिक्षा और संस्कृति के प्रति लोगों को जागरूक करने की रणनीति पर भी सहमति बनी.
संस्कारयुक्त शिक्षा को बताया समाज निर्माण का आधार
बैठक की अध्यक्षता करते हुए अंग संस्कारशाला के अध्यक्ष राकेश कुमार ने कहा कि केवल शैक्षणिक ज्ञान ही किसी व्यक्ति को पूर्ण नहीं बनाता, बल्कि अच्छे संस्कार और नैतिक मूल्य उसके व्यक्तित्व को संपूर्ण बनाते हैं. उन्होंने कहा कि आज के समय में बच्चों और युवाओं के भीतर नैतिकता, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारियों की भावना विकसित करना अत्यंत आवश्यक है. शिक्षित और संस्कारी नागरिक ही समाज और राष्ट्र को नई दिशा देने में सक्षम होते हैं. उन्होंने शिक्षा और संस्कार के समन्वय को समाज निर्माण का सबसे प्रभावी माध्यम बताया.
संगठन विस्तार पर हुआ मंथन
बैठक में संगठन को पंचायत से लेकर जिला स्तर तक मजबूत बनाने को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई. स्वयंसेवी मनीष कुमार ने कहा कि संगठन की गतिविधियों को प्रभावी बनाने के लिए जिला स्तर पर कोर कमिटी का गठन और नियमित मार्गदर्शन आवश्यक है. उन्होंने कहा कि संगठित प्रयासों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है. बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि संगठन के विस्तार के साथ-साथ अधिक से अधिक युवाओं और समाजसेवियों को इससे जोड़ा जाएगा, ताकि सामाजिक जागरूकता अभियान को व्यापक बनाया जा सके.
जनजागरण अभियान चलाने का लिया संकल्प
बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने शिक्षा, संस्कृति, संस्कार और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करने का संकल्प लिया. वक्ताओं ने कहा कि बदलते सामाजिक परिवेश में लोगों को नैतिक मूल्यों, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत के महत्व के प्रति जागरूक करना समय की जरूरत है. इसके लिए गांव-गांव और पंचायत स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. साथ ही युवाओं और विद्यार्थियों को समाजहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाएगा.
पर्यावरण और संस्कृति संरक्षण पर भी जोर
बैठक में पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक मूल्यों के संवर्धन को लेकर भी चर्चा हुई. सदस्यों ने कहा कि समाज के विकास के साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है. इसके लिए वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा. वक्ताओं ने कहा कि अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को संरक्षित रखना समाज की साझा जिम्मेदारी है और नई पीढ़ी को इसके प्रति जागरूक करना आवश्यक है.
सक्रिय और जनहितकारी संगठन बनाने पर सहमति
बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने संगठन को अधिक सक्रिय, सशक्त और जनहितकारी बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई. उन्होंने शिक्षा, संस्कार और सामाजिक चेतना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया. बैठक में हरिमोहन यादव, नीतीश कुमार, दिलीप कुमार, रोहित कुमार सहित कई सदस्य उपस्थित रहे. सभी ने अंग संस्कारशाला के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और युवा पीढ़ी को संस्कारयुक्त शिक्षा से जोड़ने की दिशा में मिलकर कार्य करने का भरोसा जताया.