Bihar Bandh Violence : छपरा में बिहार बंद के दौरान उपद्रवियों के पथराव में दो प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) के गंभीर रूप से घायल होने के बाद पूरे राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों में आक्रोश है. बिहार ग्रामीण विकास सेवा संघ ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
दो बीडीओ के घायल होने से प्रशासनिक महकमे में रोष
बिहार ग्रामीण विकास सेवा संघ के कोषाध्यक्ष एवं धोरैया बीडीओ अरविंद कुमार ने बताया कि बिहार बंद के दौरान विधि-व्यवस्था ड्यूटी में तैनात छपरा सदर की बीडीओ दृष्टि पाठक और रिविलगंज के बीडीओ रितेश कुमार उपद्रवियों के पथराव में गंभीर रूप से घायल हो गए. इस घटना के बाद राज्यभर के प्रशासनिक अधिकारियों में गहरा आक्रोश है. संघ ने इसे सरकारी अधिकारियों पर हमला बताते हुए दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को भेजा गया ज्ञापन
संघ ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को ज्ञापन भेजकर प्रखंड विकास पदाधिकारियों की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभाव से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की है. ज्ञापन में कहा गया है कि राज्य के प्रत्येक प्रखंड कार्यालय में बीडीओ के लिए बॉडी प्रोटेक्टर, रायट हेलमेट, शील्ड, लेग गार्ड, आर्म गार्ड सहित सभी आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं, ताकि विधि-व्यवस्था जैसी संवेदनशील ड्यूटी के दौरान उनका उपयोग किया जा सके.
स्थायी सुरक्षा कर्मी और सरकारी खर्च पर इलाज की मांग
संघ ने प्रत्येक बीडीओ के साथ स्थायी रूप से कम से कम दो प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की मांग की है, जो कार्यालय, जनसुनवाई, क्षेत्र भ्रमण और विधि-व्यवस्था ड्यूटी के दौरान उनके साथ रहें. साथ ही यह भी मांग की गई है कि सरकारी ड्यूटी के दौरान किसी बीडीओ के घायल होने पर राज्य सरकार उच्च स्तरीय अस्पताल में उनके इलाज की पूरी व्यवस्था सरकारी खर्च पर सुनिश्चित करे. इसके अलावा विशेष क्षतिपूर्ति, पर्याप्त बीमा सुरक्षा और आश्रितों के लिए स्पष्ट सहायता नीति बनाने की भी मांग उठाई गई है.
सुरक्षा मिलने तक काली पट्टी बांधकर करेंगे काम
संघ ने मांग की है कि संवेदनशील विधि-व्यवस्था ड्यूटी पर प्रतिनियुक्ति से पहले पर्याप्त पुलिस बल, सुरक्षा प्रबंधन और मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) लागू की जाए. साथ ही कहा गया है कि जब तक सरकार इन मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक प्रखंड विकास पदाधिकारियों को विधि-व्यवस्था ड्यूटी से अलग रखा जाए. विरोध के प्रतीक के रूप में राज्यभर के बीडीओ अपने नियमित सरकारी कार्य करते हुए काली पट्टी धारण करेंगे.
