PM Awas Yojana-Gramin: बांका के बाराहाट प्रखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पक्का मकान निर्माण पूरा करने वाले 10 लाभुकों को गुरुवार को सांकेतिक चाबी सौंपकर गृह प्रवेश की शुभकामनाएं दी गईं. प्रखंड मुख्यालय सभागार में आयोजित समारोह में 25 अन्य लाभुकों को समय पर आवास निर्माण पूरा करने के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. बीडीओ गोपाल कुमार गुप्ता ने कहा कि योजना का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित और पक्का आवास उपलब्ध कराना है. कार्यक्रम में लाभुकों और ग्रामीणों के चेहरे पर खुशी नजर आई.
बाराहाट की 15 पंचायतों के 10 लाभुकों को मिली चाबी
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत प्रखंड की सभी 15 पंचायतों से चयनित 10 पात्र लाभुकों को नवनिर्मित आवास की सांकेतिक चाबी प्रदान की गई. बीडीओ गोपाल कुमार गुप्ता ने लाभुकों को गृह प्रवेश की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र परिवारों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के लिए प्रशासन लगातार काम कर रहा है.
समय पर निर्माण पूरा करने वाले 25 लाभुक सम्मानित
समारोह में 25 अन्य लाभुकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. इन लाभुकों ने योजना के तहत दो किस्तों की सहायता राशि प्राप्त करने के बाद निर्धारित समय सीमा में आवास निर्माण को तय स्तर तक पहुंचाया था. अधिकारियों ने उनके प्रयास की सराहना करते हुए अन्य लाभुकों से भी समय पर निर्माण पूरा करने की अपील की.
पक्का मकान मिलने पर खिले लाभुकों के चेहरे
नवनिर्मित मकान की सांकेतिक चाबी मिलते ही लाभुकों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी. वर्षों से पक्के मकान का सपना देख रहे परिवारों ने इसे अपने जीवन में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया. समारोह में आवास योजना से जुड़े प्रखंड स्तरीय कर्मी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे.
PM आवास योजना-ग्रामीण में कौन लोग पात्र हो सकते हैं
ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले ऐसे परिवार जिनके पास पक्का मकान नहीं है, वे योजना के तहत पात्रता के आधार पर लाभ प्राप्त कर सकते हैं. बेघर परिवारों तथा कच्चे, जर्जर या असुरक्षित मकान में रहने वाले परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है. लाभार्थियों का चयन सरकारी सर्वे, उपलब्ध डेटाबेस और स्थानीय स्तर पर सत्यापन की प्रक्रिया के आधार पर किया जाता है.
कमजोर और वंचित परिवारों को प्राथमिकता
सामाजिक-आर्थिक स्थिति और सरकारी सर्वे के आधार पर जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, कमजोर एवं वंचित परिवारों तथा अन्य पात्र श्रेणियों को नियमानुसार प्राथमिकता मिल सकती है. अंतिम पात्रता वर्तमान सरकारी नियमों और सत्यापन के आधार पर तय होती है.
किन परिस्थितियों में पात्रता प्रभावित हो सकती है
परिवार के पास कुछ प्रकार की संपत्ति, वाहन या कृषि मशीनरी, सरकारी नौकरी, आयकर दायित्व अथवा निर्धारित आय सीमा से अधिक आय जैसी परिस्थितियां योजना की पात्रता को प्रभावित कर सकती हैं. इसलिए लाभार्थियों को आवेदन या सत्यापन से पहले अपने प्रखंड कार्यालय से वर्तमान पात्रता मानदंड की जानकारी लेनी चाहिए.
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
पात्र लाभार्थियों के पास आधार कार्ड, आधार प्रमाणीकरण की सहमति, बैंक पासबुक और सक्रिय मोबाइल नंबर जैसे दस्तावेज उपलब्ध होने चाहिए. योजना और पात्रता के अनुसार मनरेगा जॉब कार्ड, स्वच्छ भारत मिशन से संबंधित विवरण तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं. दस्तावेजों की अंतिम सूची स्थानीय प्रशासन या प्रखंड कार्यालय से सत्यापित करना उचित है.
खुद ऑनलाइन आवेदन नहीं, चयन प्रक्रिया पर आधारित है योजना
पीएम आवास योजना-ग्रामीण की प्रक्रिया सामान्य ऑनलाइन आवेदन जैसी नहीं है. लाभार्थियों की पहचान सरकारी सर्वे और उपलब्ध डेटाबेस के आधार पर की जाती है. इसके बाद ग्राम सभा स्तर पर सत्यापन और अनुमोदन की प्रक्रिया होती है. पात्र लाभार्थियों का आधिकारिक प्रक्रिया के तहत पंजीकरण संबंधित पंचायत एवं ग्रामीण आवास कर्मियों द्वारा कराया जाता है.
जियो-टैगिंग और भौतिक सत्यापन के बाद जारी होती है स्वीकृति
पंजीकरण के बाद आवास की स्थिति का भौतिक सत्यापन किया जाता है. आवश्यकतानुसार मोबाइल ऐप के माध्यम से जियो-टैगिंग भी की जाती है. सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र लाभार्थी के लिए स्वीकृति आदेश जारी किया जाता है. इसके बाद योजना के प्रावधान के अनुसार पहली किस्त बैंक खाते में भेजी जाती है.
निर्माण की प्रगति के आधार पर मिलती हैं किस्तें
पहली किस्त मिलने के बाद लाभार्थी आवास निर्माण शुरू करता है. निर्माण की प्रगति के आधार पर आगे की किस्तों का भुगतान किया जाता है. लाभुकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवास निर्माण पूरा करना होता है. निर्माण की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों का पालन करना भी जरूरी है.
मनरेगा और शौचालय का भी मिल सकता है लाभ
योजना के प्रावधानों के अनुसार पात्र लाभार्थियों को आवास निर्माण से जुड़ी अकुशल मजदूरी का लाभ मनरेगा के माध्यम से मिल सकता है. वहीं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत पात्र लाभार्थियों को शौचालय निर्माण के लिए निर्धारित प्रोत्साहन राशि भी मिल सकती है.
योजना की जानकारी के लिए कहां करें संपर्क
PM Awas Yojana-Gramin: योजना से जुड़ी पात्रता, नाम सूची में होने, पंजीकरण या किस्त की स्थिति जानने के लिए लाभार्थी अपने ग्राम पंचायत, पंचायत सचिव, ग्रामीण आवास सहायक या प्रखंड विकास पदाधिकारी के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं. योजना का लाभ लेने के लिए किसी बिचौलिए को पैसा न दें और केवल आधिकारिक प्रक्रिया का पालन करें.
