बाराहाट (बांका). बाराहाट प्रखंड क्षेत्र में अल्ट्रासाउंड जांच के नाम पर कथित अनियमितताओं की शिकायतों ने स्वास्थ्य विभाग की मॉनिटरिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में संचालित कुछ निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है. जांच के नाम पर मरीजों से मनमाना शुल्क वसूलने तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की अनुपस्थिति में जांच कराए जाने की शिकायत भी सामने आयी है. क्षेत्रवासियों ने सभी निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों का औचक निरीक्षण कर नियमों के अनुरूप संचालन सुनिश्चित कराने की मांग की है.
गरीब मरीजों की मजबूरी का उठाया जा रहा फायदा
स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्भवती महिलाओं के लिए अल्ट्रासाउंड जांच बेहद महत्वपूर्ण होती है. सरकारी स्तर पर जांच की पर्याप्त और त्वरित सुविधा उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को निजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है. आरोप है कि इसी मजबूरी का फायदा उठाकर कुछ केंद्रों पर निर्धारित मानकों की अनदेखी की जा रही है. स्थानीय लोगों ने ऐसे केंद्रों पर जांच करने वाले ऑपरेटरों की योग्यता और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता की जांच कराने की मांग की है.
भ्रूण लिंग जांच की आशंका, रिकॉर्ड की जांच जरूरी
अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालन में सबसे संवेदनशील पहलू प्रसव पूर्व भ्रूण के लिंग परीक्षण से जुड़ा है. स्थानीय स्तर पर ऐसे गैरकानूनी परीक्षण की आशंकाएं भी जतायी गयी हैं. हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. स्थानीय बुद्धिजीवियों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को केवल कागजी रिकॉर्ड तक सीमित रहने के बजाय सभी केंद्रों का भौतिक सत्यापन कराना चाहिए. केंद्रों की मशीनों की लॉग-बुक, जांच रिकॉर्ड, फॉर्म-एफ, पंजीकरण संबंधी दस्तावेज और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपस्थिति की जांच की जानी चाहिए.
अवैध क्लीनिक पर कार्रवाई के बाद बढ़ी उम्मीद
बीते दिनों बाराहाट में प्रसूता से कथित अवैध वसूली के मामले में जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए निजी क्लीनिक को सील किया था और 30 हजार रुपये वापस कराए थे. इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी है कि प्रशासन अब संदिग्ध अल्ट्रासाउंड केंद्रों और पैथोलॉजी लैबों की भी जांच करेगा. क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी और सिविल सर्जन से बाराहाट के सभी निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों का औचक निरीक्षण कराने तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.
विशेष टीम गठित कर होगी जांच
जिला चिकित्सा पदाधिकारी जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संबंध में सूचना प्राप्त हुई है. ऐसे केंद्रों की जांच के लिए विशेष टीम गठित की जाएगी. जांच के दौरान यदि किसी केंद्र में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी.
अब निगाह स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर
शिकायतों और स्थानीय स्तर पर उठ रही आशंकाओं के बीच अब स्वास्थ्य विभाग की जांच महत्वपूर्ण हो गयी है. औचक निरीक्षण के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित केंद्रों में नियमों का पालन हो रहा है या नहीं. स्थानीय लोगों की नजर अब विशेष टीम की जांच और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी है.
