बांका के बाराहाट निर्वाचन कार्यालय में छह साल से एक ही कर्मी की प्रतिनियुक्ति, बीएलओ और शिक्षकों ने उठाए सवाल

बाराहाट निर्वाचन कार्यालय में छह साल से जमे कर्मी के खिलाफ बीएलओ और शिक्षकों ने मोर्चा खोल दिया है. प्रतिनियुक्ति खत्म करने की मांग तेज हो गई है.

Banka News: बांका जिले के बाराहाट प्रखंड निर्वाचन कार्यालय में वर्षों से एक ही कर्मी की लगातार प्रतिनियुक्ति को लेकर सवाल उठने लगे हैं. निर्वाचन कार्य से जुड़े बीएलओ और शिक्षकों के बीच यह मामला चर्चा का विषय बन गया है. आरोप है कि करीब पांच से छह वर्ष पहले टोला सेवक वरुण रजक की ऑपरेटर के रूप में प्रतिनियुक्ति की गई थी और तब से वह लगातार उसी कार्यालय में कार्यरत हैं. लंबे समय तक एक ही कार्यालय में प्रतिनियुक्ति बने रहने को लेकर पारदर्शिता, प्रशासनिक व्यवस्था और समीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं.

हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित विभागीय अधिकारियों का पक्ष अभी सामने नहीं आया है. ऐसे में मामला फिलहाल आरोप और सवालों के दायरे में है, लेकिन स्थानीय स्तर पर इसे गंभीर प्रशासनिक मुद्दे के रूप में देखा जा रहा है.

वर्षों से एक ही कार्यालय में प्रतिनियुक्ति पर सवाल

निर्वाचन कार्य से जुड़े कई शिक्षकों और बीएलओ ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर आरोप लगाया कि कार्यालय में काम के सिलसिले में पहुंचने पर उन्हें कथित रूप से अधिकारियों का धौंस दिखाया जाता है और कार्रवाई की चेतावनी दी जाती है. इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन लंबे समय से एक ही कार्यालय में प्रतिनियुक्ति बने रहने को लेकर असंतोष बढ़ने की बात सामने आ रही है.

स्थानीय कर्मियों का कहना है कि निर्वाचन कार्य में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए समय-समय पर प्रतिनियुक्तियों की समीक्षा होना आवश्यक है.

अन्य प्रतिनियुक्तियां समाप्त हुईं, यहां समीक्षा कब

शिक्षकों का कहना है कि विभागीय स्तर पर विभिन्न कार्यालयों में की गई प्रतिनियुक्तियों की समय-समय पर समीक्षा होती रही है. कई मामलों में कर्मियों को उनके मूल विभाग में वापस भी भेजा गया है. ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि बाराहाट प्रखंड निर्वाचन कार्यालय में लगभग छह वर्षों से कार्यरत कर्मी की प्रतिनियुक्ति की अब तक समीक्षा क्यों नहीं की गई.

उनका कहना है कि यदि अन्य विभागों और कार्यालयों में प्रतिनियुक्ति अवधि का मूल्यांकन किया जाता है, तो इस मामले में भी समान प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए.

बीएलओ और शिक्षकों ने जांच की मांग की

निर्वाचन कार्य से जुड़े कर्मियों ने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराने और प्रतिनियुक्ति के नियमों तथा अवधि की समीक्षा करने की मांग की है. उनका कहना है कि एक ही स्थान पर लंबे समय तक प्रतिनियुक्ति रहने की व्यवस्था की पारदर्शिता की जांच होनी चाहिए.

शिक्षकों और बीएलओ की ओर से मुख्य रूप से तीन सवाल उठाए जा रहे हैं. पहला, करीब छह वर्षों से एक ही कार्यालय में प्रतिनियुक्ति का आधार क्या है. दूसरा, प्रतिनियुक्ति की अवधि की अब तक समीक्षा क्यों नहीं की गई. तीसरा, शिकायत करने वाले निर्वाचन कर्मियों की समस्याओं पर कब तक सुनवाई होगी.

Banka News: अधिकारियों के पक्ष का इंतजार

फिलहाल संबंधित विभागीय अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है. प्रशासनिक नियमों के अनुसार प्रतिनियुक्ति, उसकी अवधि और समीक्षा से जुड़े निर्णय विभागीय स्तर पर लिए जाते हैं. ऐसे में अधिकारियों की प्रतिक्रिया आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित कर्मी की प्रतिनियुक्ति किस आधार पर जारी रही और उसकी समीक्षा की स्थिति क्या है.

बाराहाट प्रखंड में यह मामला अब स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है और निर्वाचन कार्य से जुड़े कर्मियों की ओर से निष्पक्ष जांच तथा पारदर्शी कार्रवाई की मांग लगातार उठाई जा रही है.

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लेखक के बारे में

By अजय कुमार झा

अजय कुमार झा प्रिंट माध्यम में 14 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बाराहाट (बांका) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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