Banka Zila Parishad Vigilance Raid: बांका जिला परिषद कार्यालय में सोमवार दोपहर पटना निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Department) की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए घूसखोरी के खेल का पर्दाफाश किया है. निगरानी टीम ने कार्रवाई करते हुए सेवानिवृत्त कनिष्ठ अभियंता (JE) ओमप्रकाश मंडल और उनके भाई सह कार्यालय कर्मी जागेश्वर मंडल को 1 लाख 26 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. इस कार्रवाई के बाद पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है.
संवेदक की शिकायत पर बिछाया गया जाल
निगरानी विभाग के डीएसपी सत्येंद्र राम के नेतृत्व में इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया:
- बिल पास करने के नाम पर मांग: परिवादी सह संवेदक अवध किशोर ने निगरानी विभाग से शिकायत की थी कि उनके द्वारा कराए गए पीसीसी (PCC) सड़क निर्माण व अन्य कार्यों की फाइल आगे बढ़ाने और भुगतान जारी करने के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही है.
- सत्यापन में सही पाया गया मामला: शिकायत के आधार पर निगरानी विभाग ने गुप्त रूप से मामले का सत्यापन कराया, जिसमें घूस मांगे जाने की पुष्टि हुई. इसके बाद टीम ने सोमवार को जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को दबोच लिया.
भाई के जरिए लिया जाता था घूस का पैसा
जांच के दौरान सामने आया कि ओमप्रकाश मंडल सेवानिवृत्त होने के बाद भी स्थानीय अधिकारियों के कथित शह पर कार्यालय के महत्वपूर्ण काम-काज देख रहे थे:
- रंगे हाथों गिरफ्तारी: तय योजना के अनुसार, जैसे ही संवेदक ने 1 लाख 26 हजार रुपये जागेश्वर मंडल को सौंपे, घात लगाकर बैठी निगरानी टीम ने उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया.
- सिंडिकेट का खुलासा: बताया जाता है कि जागेश्वर मंडल रिश्वत की राशि वसूल कर अपने भाई ओमप्रकाश मंडल तक पहुंचाता था. राशि मिलने के बाद ही संवेदकों की फाइलें आगे बढ़ाई जाती थीं.
Banka Zila Parishad Vigilance Raid: जिला परिषद अध्यक्ष समेत 5 पर FIR, जांच तेज
मामले में संवेदक अवध किशोर की लिखित शिकायत के आधार पर जिला परिषद अध्यक्ष राजेंद्र यादव और कार्यालय कर्मी समेत पांच लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है. प्राथमिकी में कार्यालय से जुड़े अन्य कर्मियों व अभियंताओं की भूमिका को भी संदिग्ध माना गया है. निगरानी विभाग अब इस पूरे भ्रष्टाचार सिंडिकेट की गहराई से जांच कर रहा है.
