आसमान में छाए रहेंगे बादल; बांका-भागलपुर में आंधी और बारिश के साथ ठनका का अलर्ट

Banka Weather Update: दक्षिण-पूर्व बिहार में मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ ही बांका और भागलपुर सहित आसपास के जिलों में अगले पांच दिनों तक आंधी और हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है. मौसम विभाग और कृषि वैज्ञानिकों ने मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए आम जनमानस और अन्नदाताओं के लिए विशेष चेतावनी मुस्तैद की है.

बांका से सुभाष वैद्य की रिपोर्ट

Banka Weather Update: बिहार के अंग और सीमांचल प्रक्षेत्र से सटे जिलों में मानसून की रफ्तार अब धीरे-धीरे जोर पकड़ने लगी है. बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU) सबौर के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा केंद्र द्वारा जारी ताजा लाइव रिपोर्ट के अनुसार, बांका, भागलपुर और आसपास के कनिष्ठ प्रक्षेत्रों में आगामी पांच दिनों के दौरान मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है. आसमान में घने बादलों की आवाजाही के साथ 19 से 22 जून के बीच गरज-चमक के साथ तेज आंधी और सुचारू बारिश की संभावना जताई गई है. हालांकि, इस मौसमी कमान के बीच वज्रपात (आकाशीय बिजली) की गंभीर विसंगति को देखते हुए कप्तानों ने अलर्ट जारी कर लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है.

30 से 40 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं; आर्द्रता बढ़ने से उमस की भी कमान

मौसम विभाग और सबौर केंद्र से प्राप्त मुख्य कड़ियों के मुताबिक, शनिवार को प्रक्षेत्र का अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस संधारित किया गया. आगामी दिनों में इसमें आंशिक गिरावट आने से अधिकतम तापमान 30 से 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच सिमटने की उम्मीद है.

इस अवधि में दक्षिण-पूर्व दिशा से 14 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा की सामान्य गति से लेकर अधिकतम 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की लाइव रफ्तार से तेज हवाएं और झोंके चल सकते हैं. सुबह के समय सापेक्ष आर्द्रता 70 से 80 प्रतिशत और दोपहर में 25 से 30 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जिससे तापमान गिरने के बावजूद कली-मजदूरों और राहगीरों को तीखी उमस और पसीने वाली विसंगति से तत्काल पूर्ण राहत मिलती नहीं दिख रही है.

पटना: प्रदर्शन करते हुए डाकबंगला चौराहे पर पहुंचे चौकीदार. पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोका. इलाके में सुरक्षा के लिए भारी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती.

धान की नर्सरी के लिए कृषि वैज्ञानिकों ने जारी की विधिक गाइडलाइन

“बदलते मौसम और बादलों की मुस्तैदी को देखते हुए सबौर के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिकों ने बांका प्रक्षेत्र के किसानों को खरीफ सीजन की मुख्य कमान संभालने की विधिक सलाह दी है. वैज्ञानिकों ने कहा है कि यह समय धान की लंबी अवधि वाली उन्नत किस्मों की नर्सरी (बिचड़ा) तैयार करने के लिए सबसे मुस्तैद और सुचारू है. इसके लिए किसानों को मुख्य रूप से सबौर श्री, स्वर्णा सब-1, राजेंद्र मंसूरी, राजेंद्र श्वेता, स्वर्णा और वीपीटी-5204 जैसी प्रमाणित किस्मों के बीजों का चयन करने को कहा गया है.”

Banka Weather Update: बीज उपचार के बाद ही करें बुवाई; वज्रपात को लेकर जिला कप्तानों की चेतावनी

कृषि विशेषज्ञों ने कनिष्ठ किसानों को विशेष रूप से हिदायत दी है कि नर्सरी तैयार करते समय खेतों में केवल अच्छी तरह से सड़ी हुई गोबर की जैविक खाद का ही उपयोग करें. साथ ही, फंगस और अन्य विसंगतियों से फसल को बचाने के लिए बीजों का विधिक रासायनिक उपचार संधारित करने के बाद ही बुवाई की प्रक्रिया शुरू करें.

दूसरी ओर, जिला कप्तानों और आपदा प्रबंधन प्रभारियों ने प्रबुद्ध नागरिकों से अपील की है कि तेज आंधी और बिजली कड़कने के दौरान किसी भी सूरत में खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों या लोहे के बिजली खंभों के नीचे शरण न लें. विपरीत मौसम संधारित होने पर तुरंत कनिष्ठ पक्के मकानों या सुचारू शेड के नीचे चले जाएं, ताकि जान-माल की किसी भी अप्रिय विसंगति से विधिक रूप से बचा जा सके.

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लेखक के बारे में

Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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