National Child Science Congress 2026 : बांका में विज्ञान शिक्षा को नई दिशा देने की पहल के तहत मंगलवार से 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 के जिला स्तरीय दो दिवसीय विज्ञान शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई. जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में आयोजित इस प्रशिक्षण में विज्ञान शिक्षकों को वैज्ञानिक शोध, नवाचार और सतत विकास से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि वे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित कर सकें.
डायट में हुआ दो दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ
साइंस फॉर सोसाइटी, बांका एवं राज्य शैक्षिक अनुसंधान व प्रशिक्षण परिषद के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन जिला शिक्षा पदाधिकारी देवनारायण पंडित, डायट की प्रभारी प्राचार्य अमृता मंडल तथा जिला अकादमिक शोध समन्वयक डॉ. कृष्ण प्रसाद सिन्हा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. कार्यक्रम का उद्देश्य विज्ञान शिक्षकों को राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 की थीम और कार्यप्रणाली से अवगत कराना है.
निरंतरता के लिए विज्ञान एवं नवाचार पर हुई चर्चा
प्रशिक्षण के दौरान वर्ष 2026-27 की मुख्य थीम "निरंतरता के लिए विज्ञान एवं नवाचार" पर विस्तार से चर्चा की गई. शिक्षकों को अपशिष्ट (कचरा) प्रबंधन, ऊर्जा के लिए अन्वेषण, संरक्षण एवं विकास, जल संरक्षण, भोजन, मिट्टी, स्वास्थ्य तथा सतत विकास के लिए पारंपरिक ज्ञान प्रणाली के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई. विशेषज्ञों ने इन विषयों पर विद्यालय स्तर पर वैज्ञानिक परियोजनाएं तैयार करने के तरीके भी बताए.
वैज्ञानिक शोध और प्रस्तुतीकरण की मिली जानकारी
प्रशिक्षण सत्र में डॉ. एसकेपी सिन्हा, चंदन कुमार चौधरी, नीलेश कुमार, प्रशांत कुमार प्रसून तथा राम देव सिंह ने स्रोत व्यक्तियों के रूप में विज्ञान आधारित शोध, परियोजना लेखन और प्रभावी प्रस्तुतीकरण की तकनीकों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया. वहीं साइंस फॉर सोसाइटी के प्रकाशन के आधार पर दीपक कुमार ने विषय से संबंधित महत्वपूर्ण प्रस्तुति दी.
80 विज्ञान शिक्षकों ने लिया प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के पहले दिन रजौन, बौंसी, बांका, बाराहाट और कटोरिया सहित जिले के विभिन्न प्रखंडों से लगभग 80 विज्ञान शिक्षकों ने भाग लिया. इस दौरान राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के इतिहास, उद्देश्य और वर्ष 1993 से 2026 तक की विकास यात्रा पर भी विस्तार से चर्चा की गई. कार्यक्रम के सफल आयोजन में अरुण कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने की पहल
आयोजकों ने कहा कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल शिक्षकों को जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें इस योग्य बनाना है कि वे विद्यार्थियों को स्थानीय समस्याओं पर वैज्ञानिक शोध करने, नवाचार अपनाने और समाजोपयोगी समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित कर सकें.
