Banka News: बांका शहर के ईदगाह रोड स्थित एक निर्माणाधीन मकान में बुधवार को दर्दनाक हादसा हो गया. सेफ्टी टैंक की सफाई करने के लिए बिना किसी सुरक्षा उपकरण के अंदर उतरे दो सगे भाई कुछ ही मिनटों में बेहोश हो गए. स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर एक भाई को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि दूसरे का इलाज जारी है. शुरुआती आशंका है कि टैंक के भीतर ऑक्सीजन की कमी या जहरीली गैस के कारण यह हादसा हुआ.
इस घटना ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था होती, तो यह जानलेवा हादसा टाला जा सकता था.
बिना सुरक्षा उपकरण के टैंक में उतरे थे दोनों भाई
जानकारी के अनुसार केवलडीह गांव निवासी लड्डू मंडल के पुत्र त्रिलोचन कुमार और सोनू कुमार निर्माणाधीन मकान के सेफ्टी टैंक की सफाई के लिए अंदर उतरे थे.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों बिना किसी सुरक्षा उपकरण या गैस जांच व्यवस्था के टैंक में गए थे. कुछ ही देर बाद दोनों की तबीयत बिगड़ गई और वे टैंक के भीतर ही बेहोश होकर गिर पड़े.
स्थानीय लोगों ने बाहर निकाला
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे.
काफी प्रयास के बाद दोनों भाइयों को टैंक से बाहर निकाला गया और तत्काल इलाज के लिए बांका सदर अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद त्रिलोचन कुमार को मृत घोषित कर दिया, जबकि सोनू कुमार का उपचार जारी है.
ऑक्सीजन की कमी या जहरीली गैस की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के आधार पर माना जा रहा है कि सेफ्टी टैंक के भीतर ऑक्सीजन की कमी या जहरीली गैस के प्रभाव के कारण दोनों भाई बेहोश हुए.
विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे बंद टैंकों में बिना गैस जांच और सुरक्षा उपकरण के प्रवेश करना बेहद खतरनाक होता है और कई बार कुछ ही मिनटों में जानलेवा स्थिति बन जाती है.
परिजनों में मचा कोहराम
त्रिलोचन कुमार की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया.
अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था. स्थानीय ग्रामीणों ने भी घटना पर गहरा दुख जताते हुए निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों के पालन की आवश्यकता पर जोर दिया.
Banka News: पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की.
सदर थानाध्यक्ष सुधीर कुमार ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है. परिजनों के बयान के आधार पर यूडी केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.
