Banka News: लगातार बदल रहे मौसम और बारिश के बीच बांका जिले के बाराहाट प्रखंड में वायरल फीवर का प्रकोप तेजी से बढ़ने लगा है. पंजवारा समेत आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में लोग मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं. सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लगातार बढ़ रही है. डॉक्टरों का कहना है कि वायरल फीवर के साथ तेज बुखार, बदन दर्द, सर्दी, खांसी, कफ, उल्टी और पेट दर्द जैसी शिकायतें सबसे अधिक सामने आ रही हैं.
स्थिति यह है कि कई परिवारों में एक साथ कई सदस्य बीमार पड़ रहे हैं. खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर इसका ज्यादा असर देखा जा रहा है. लगातार बढ़ रहे मामलों ने लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है.
बदलते मौसम ने बढ़ाई परेशानी, हर उम्र के लोग हो रहे बीमार
बारिश और उमस के बीच मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर लोगों की सेहत पर साफ दिखाई दे रहा है. चिकित्सकों के अनुसार वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है और इसकी चपेट में बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी आ रहे हैं.
अधिकांश मरीजों को चार से पांच दिनों तक तेज बुखार और शरीर में कमजोरी की शिकायत बनी रहती है. समय पर इलाज मिलने के बाद ही उनकी स्थिति में सुधार हो रहा है.
सरकारी और निजी अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की भीड़
बाराहाट प्रखंड के सरकारी और निजी अस्पतालों में इन दिनों सुबह से शाम तक मरीजों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. ओपीडी में वायरल फीवर और मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीज लगातार इलाज के लिए पहुंच रहे हैं.
डॉक्टरों के मुताबिक अस्पताल आने वाले मरीजों में तेज बुखार, बदन दर्द, सर्दी, खांसी, कफ, उल्टी, कंपकंपी और पेट दर्द जैसी समस्याएं सबसे ज्यादा देखी जा रही हैं. इलाज और दवाओं पर बढ़ते खर्च से आम लोगों की जेब पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है.
पंजवारा उप स्वास्थ्य केंद्र में डेढ़ गुना तक बढ़े मरीज
अतिरिक्त प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र, पंजवारा में भी मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है. अस्पताल की ओपीडी में पहले की तुलना में करीब डेढ़ गुना अधिक मरीज पहुंच रहे हैं.
सबसे ज्यादा चिंता छोटे बच्चों को लेकर है. वायरल फीवर की वजह से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है और अभिभावक लगातार इलाज के लिए अस्पतालों का चक्कर लगा रहे हैं.
डॉक्टरों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
अतिरिक्त प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र की चिकित्सक डॉ. नीलोफर प्रवीण ने बताया कि मौसम में अचानक बदलाव के कारण वायरल फीवर, बदन दर्द, उल्टी और पेट दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ी है. छोटे बच्चे भी तेजी से वायरल संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं.
उन्होंने कहा कि बीमार मरीजों की नियमित निगरानी जरूरी है. समय पर डॉक्टर की सलाह लेकर दवा लेने और पर्याप्त आराम करने से मरीज जल्दी स्वस्थ हो सकते हैं. उन्होंने लोगों से बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा लेने से बचने और लक्षण गंभीर होने पर तुरंत अस्पताल पहुंचने की अपील की.
Banka News: बरसात में रखें इन बातों का ध्यान
बरसात के मौसम में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में साफ पानी पीना, ताजा भोजन करना, हाथों की नियमित सफाई, बारिश में भीगने से बचना और बुखार या अन्य लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ी सी सावधानी वायरल संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती है.
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