पंजवारा (बांका) से गौरव कश्यप की रिपोर्ट :
पंजवारा-भेड़ामोड़ मुख्य मार्ग से जुड़ने वाला यह ग्रामीण पथ इलाके के लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. यह सड़क आगे झारखंड के खटनई ग्रामीण पथ से भी जुड़ती है, जिससे दोनों राज्यों के बीच आवाजाही करने वाले लोगों की निर्भरता इस रास्ते पर बनी रहती है.स्थानीय लोगों का कहना है कि चीर नदी पुल बनने के समय लोगों को उम्मीद थी कि आवागमन आसान हो जाएगा, लेकिन एप्रोच पथ की हालत ने सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया. सड़क के शुरुआती हिस्से से लेकर पुल तक करीब 300 मीटर रास्ता पूरी तरह टूट चुका है. जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे बाइक और छोटे वाहनों का गुजरना भी मुश्किल हो गया है.बरसात में और बढ़ जाती है मुश्किल
ग्रामीणों के मुताबिक बारिश के दिनों में सड़क की स्थिति बेहद खतरनाक हो जाती है. गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है. कई बार वाहन चालक फिसलकर गिर चुके हैं. खासकर रात के समय यह रास्ता और ज्यादा जोखिम भरा हो जाता है.
लोगों का कहना है कि इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण, छात्र और व्यापारी आवाजाही करते हैं. बावजूद इसके वर्षों से सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई है. स्थानीय लोगों में इसे लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है.ग्रामीणों ने विभाग से लगाई गुहार
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से जल्द सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि समय रहते एप्रोच पथ को दुरुस्त नहीं कराया गया तो आने वाले मानसून में हालात और गंभीर हो जाएंगे.लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पुल के साथ-साथ सड़क को भी प्राथमिकता दी जाए ताकि आम लोगों को राहत मिल सके और झारखंड आने-जाने का रास्ता सुरक्षित बन सके.
