Aaj Ka Darshan: बांका. बिहार का मंदार पर्वत सिर्फ एक पहाड़ नहीं, बल्कि पौराणिक गाथाओं और अटूट आस्था का जीवंत केंद्र है. समुद्र मंथन की ऐतिहासिक घटना का साक्षी रहा यह पर्वत आज भी देश-दुनिया के श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.
मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से मंदार की तराई में स्थित भगवान मधुसूदन और शिखर पर विराजमान अष्टकमल मंदिर में मत्था टेकता है, उसकी हर मनोकामना पूर्ण होती है. आज के भागदौड़ भरे जीवन में भी इस आध्यात्मिक नगरी की आभा फीकी नहीं पड़ी है और रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां शांति की तलाश में पहुंच रहे हैं.
सुबह पांच बजे खुलेंगे मंदिरों के पट
शहर के Purani Thakurbari, Bhayharan Sthan और बाबूटोला स्थित Panchmukhi Temple में सुबह और शाम विशेष पूजा-अर्चना के साथ भव्य आरती का आयोजन होगा. श्रद्धालुओं के लिए मंदिरों के पट सुबह पांच बजे खोल दिए जाएंगे.
मंदिर प्रशासन के अनुसार सुबह से ही भक्तों के दर्शन और पूजा के लिए विशेष व्यवस्था की गई है ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो.
भगवान मधुसूदन का होगा पंचामृत स्नान
मंदार मधुसूदन मंदिर में शुक्रवार को भगवान की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी. मंदिर के पुजारी Bindeshwari Jha और Lakshman Jha सुबह 7:30 बजे भगवान मधुसूदन का पंचामृत से अभिषेक करेंगे.
इसके बाद दोपहर 12 बजे भगवान को विशेष भोग अर्पित किया जाएगा. वहीं दोपहर एक बजे श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मंदिर का पट खोला जाएगा.
संध्या आरती में उमड़ेगी भक्तों की भीड़
शाम छह बजे मंदिर परिसर में श्रृंगार पूजा और भव्य आरती का आयोजन होगा. धार्मिक मान्यता के अनुसार मंदार धाम में होने वाली आरती में शामिल होने से भक्तों को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है.
श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदार धाम की आध्यात्मिक ऊर्जा और प्राकृतिक वातावरण उन्हें हर बार यहां आने के लिए आकर्षित करता है.
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