बांका जिले में पत्थर खनन को नियमों के तहत संचालित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने प्रक्रिया शुरू कर दी है. पहरी पत्थर खदान की आगामी पांच वर्षों के लिए बंदोबस्ती ई-नीलामी के माध्यम से की जायेगी. इसके लिए प्रशासन की ओर से विज्ञप्ति जारी कर दी गयी है. पूरी नीलामी प्रक्रिया बिहार खनिज नियमावली 2019 और अनुमोदित जिला सर्वेक्षण प्रतिवेदन के आधार पर होगी. नीलामी में शामिल होने के इच्छुक ठेकेदारों और एजेंसियों को ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा.
1 सितंबर को होगी प्री-बिड बैठक
जारी कार्यक्रम के अनुसार 1 सितंबर को डीएम के मिनी सभागार में प्री-बिड बैठक आयोजित की जायेगी. बैठक दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक होगी. इसमें इच्छुक बोलीदाता खदान की बंदोबस्ती और ई-नीलामी से जुड़ी प्रक्रिया की जानकारी ले सकेंगे.
2 सितंबर से नीलामी से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध होंगे. दस्तावेज प्राप्त करने के लिए 10 हजार रुपये का गैर-वापसी योग्य शुल्क निर्धारित किया गया है. इच्छुक ठेकेदारों और एजेंसियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ऑनलाइन आवेदन करना होगा.
22 सितंबर तक जमा करनी होगी अग्रधन राशि
ई-नीलामी में शामिल होने वाले बोलीदाताओं को 22 सितंबर तक अग्रधन राशि जमा करने के साथ आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करना होगा. निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त आवेदनों की तकनीकी जांच की जायेगी.
23 सितंबर को तकनीकी मूल्यांकन किया जायेगा. इसमें योग्य पाए जाने वाले बोलीदाताओं की सूची 30 सितंबर को जारी होगी. इसके बाद चयनित बोलीदाता ई-नीलामी में भाग ले सकेंगे.
1 अक्टूबर को होगी ई-नीलामी
पहरी पत्थर खदान की ई-नीलामी 1 अक्टूबर को आयोजित की जायेगी. प्रशासन की ओर से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक ऑनलाइन बोली लगायी जायेगी. इसी प्रक्रिया के माध्यम से खदान की आगामी पांच वर्षों के लिए बंदोबस्ती की जायेगी.
वेबसाइट पर उपलब्ध है खदान का विवरण
जिला प्रशासन के अनुसार खदान से संबंधित विस्तृत जानकारी, नियम-शर्तें और मानचित्र फाइल जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट तथा ई-नीलामी पोर्टल पर उपलब्ध है. इच्छुक ठेकेदार और एजेंसियां नीलामी प्रक्रिया से संबंधित जानकारी लेकर निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन कर सकती हैं.
नियमों के तहत होगा खनन संचालन
पहरी पत्थर खदान की बंदोबस्ती की पूरी प्रक्रिया बिहार खनिज नियमावली 2019 और अनुमोदित जिला सर्वेक्षण प्रतिवेदन के आधार पर होगी. प्रशासन का उद्देश्य पत्थर खनन को वैध और व्यवस्थित तरीके से संचालित करना है. ई-नीलामी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सफल बोलीदाता को निर्धारित नियमों के तहत खदान संचालन की जिम्मेदारी दी जायेगी.
