Banka News: बांका जिले के कटोरिया में शुक्रवार शाम बाबाधाम यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश के गोरखपुर निवासी एक कांवरिया की हार्ट अटैक से मौत हो गई. सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर बस से देवघर जा रहे 48 वर्षीय राजेश निषाद की तबीयत जिलेबिया मोड़ के पास अचानक बिगड़ गई. साथी कांवरिये उन्हें कटोरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
बाबाधाम की पवित्र यात्रा के दौरान शुक्रवार शाम बांका जिले के कटोरिया में एक दर्दनाक घटना सामने आई. सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर देवघर जा रहे उत्तर प्रदेश के एक कांवरिया की अचानक तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई. घटना के बाद साथी श्रद्धालुओं में शोक और अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
मृतक की पहचान गोरखपुर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र के रामगढ़-ताल निवासी राजेश निषाद (48 वर्ष) के रूप में हुई है. वह बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक के लिए अपने साथियों के साथ यात्रा पर निकले थे.
गंगाजल लेने के बाद बस से जा रहे थे बाबाधाम
जानकारी के अनुसार राजेश निषाद अपने साथियों के साथ सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर बस के माध्यम से देवघर जा रहे थे.
यात्रा के दौरान कटोरिया के जिलेबिया मोड़ के निकट उनकी तबीयत अचानक गंभीर रूप से बिगड़ गई. कुछ ही देर में वह अचेत हो गए, जिसके बाद साथ चल रहे कांवरियों ने उन्हें तुरंत कटोरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया.
डॉक्टरों ने अस्पताल में मृत घोषित किया
कटोरिया सीएचसी में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विनोद कुमार और डॉ. शैलजानंद शुक्ला ने राजेश निषाद की जांच की.
जांच के दौरान चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उनकी मृत्यु हार्ट अटैक के कारण हुई.
ट्रेन में भी बिगड़ी थी तबीयत
मृतक के साथी बालकिशन निषाद और अर्जुन निषाद ने बताया कि सुल्तानगंज पहुंचने से पहले ट्रेन यात्रा के दौरान भी राजेश निषाद की तबीयत खराब हुई थी.
इसके बावजूद उन्होंने यात्रा जारी रखी. कुछ दूरी पैदल चलने के बाद उनकी हालत को देखते हुए उन्हें बस में बैठा दिया गया था, लेकिन कटोरिया पहुंचने से पहले ही उनकी तबीयत फिर से बिगड़ गई.
Banka News: पुलिस ने शुरू की आवश्यक कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही कटोरिया थाना के अवर निरीक्षक राजेश कुमार और पंकज कुमार पुलिस बल के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे.
पुलिस ने साथी कांवरियों और परिजनों से घटना की जानकारी ली और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की. आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम और संबंधित औपचारिकताओं के बाद की जाएगी.
श्रावणी मेला के दौरान लाखों श्रद्धालु सुल्तानगंज से देवघर तक की यात्रा करते हैं. ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार यह सलाह देते हैं कि लंबी पदयात्रा या धार्मिक यात्रा के दौरान पहले से बीमार या हृदय संबंधी समस्या वाले श्रद्धालु समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराते रहें और तबीयत बिगड़ने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें.
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