बांका के बाजार में बुधवार को किसानों, कारोबारियों और आम खरीदारों की अच्छी आवाजाही रही. मंडी में अधिकांश खाद्यान्न की आवक सामान्य रही, जिससे कई जिंसों के भाव में बड़ा बदलाव नहीं हुआ. हालांकि दाल, तेलहन और सरसों तेल की कीमतों में तेजी का असर बाजार पर दिखाई देने लगा है. कारोबारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में खाद्यान्न सहित अन्य जरूरी सामान की कीमतों में और तेजी आ सकती है. ऐसे में मौसम, आवक और परिवहन खर्च पर सबकी नजर टिकी हुई है.
दाल और तेलहन में तेजी का असर
स्थानीय कारोबारियों के अनुसार बांका की मंडी में दलहन, तेलहन और सरसों सहित कई खाद्य वस्तुओं के भाव में तेजी देखी जा रही है. मसूर दाल 6000 से 6550 रुपये प्रति क्विंटल, मूंग दाल 9540 से 9600 रुपये और अरहर दाल 11500 से 15000 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रही है.
गोटा चना का भाव 6200 से 6400 रुपये और गोटा मूंग 8500 से 9000 रुपये प्रति क्विंटल है. पीली सरसों की कीमत 7300 से 7550 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज की गई है. वहीं सरसों तेल की कीमत 15 लीटर के हिसाब से 2070 से 2470 रुपये तक पहुंच गई है.
गेहूं-मक्का के भाव में उतार-चढ़ाव
मंडी में गेहूं की आवक सामान्य बनी हुई है. बुधवार को गेहूं 2600 से 2650 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से कारोबार करता रहा. मक्का का भाव 2100 से 2150 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रहा.
चावल की अलग-अलग किस्मों में भी कीमतों का अंतर देखने को मिल रहा है. मंसूरी चावल 3250 से 3400 रुपये और अरवा मोटा चावल 3100 से 3250 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है. वहीं बासमती चावल की कीमत 12500 से 13500 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज की गई है.
आलू-प्याज के भाव में भी बदलाव
सब्जी मंडी में आलू और प्याज की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है. आलू का भाव 1200 से 1450 रुपये प्रति क्विंटल और प्याज 3800 से 3900 रुपये प्रति क्विंटल तक रहा. कारोबारियों के अनुसार आवक में बदलाव के साथ इन दोनों की कीमतों में भी आगे उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.
विक्रमशिला सेतु और बढ़ते ईंधन खर्च का असर
बांका के कारोबारियों के अनुसार माल ढुलाई महंगी होने का सीधा असर खाद्यान्न की कीमतों पर पड़ रहा है. भागलपुर के विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के कारण परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई है. इसके साथ ही ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी से ट्रांसपोर्टिंग खर्च बढ़ गया है.
बांका की मंडी में बड़ी मात्रा में खाद्यान्न और रोजमर्रा के सामान की आपूर्ति पूर्णिया के गुलाबबाग और कोलकाता की मंडियों से होती है. लंबी दूरी से माल आने के कारण ढुलाई पर अधिक खर्च हो रहा है. इसका असर थोक कारोबारियों से लेकर खुदरा दुकानदारों और अंततः आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है.
आने वाले दिनों में बढ़ सकते हैं दाम
कारोबारियों का कहना है कि फिलहाल कई खाद्यान्न की आपूर्ति सामान्य है, लेकिन परिवहन खर्च, मौसम और मंडी में आने वाली आवक कीमतों को प्रभावित कर सकती है. यदि आवक में कमी आती है तो दाल, तेलहन और अन्य खाद्य वस्तुओं के भाव में और तेजी देखने को मिल सकती है. किसानों और व्यापारियों की नजर अब आने वाले दिनों की बारिश और मंडी में होने वाली आवक पर टिकी है.
बांका मंडी में बुधवार के प्रमुख भाव
| जिंस | न्यूनतम भाव | अधिकतम भाव |
| गेहूं | 2600 | 2650 |
| मक्का | 2100 | 2150 |
| मंसूरी चावल | 3250 | 3400 |
| अरवा मोटा चावल | 3100 | 3250 |
| बासमती चावल | 12500 | 13500 |
| मसूर दाल | 6000 | 6550 |
| मूंग दाल | 9540 | 9600 |
| अरहर दाल | 11500 | 15000 |
| गोटा चना | 6200 | 6400 |
| गोटा मूंग | 8500 | 9000 |
| पीली सरसों | 7300 | 7550 |
| सरसों तेल (15 लीटर) | 2070 | 2470 |
| आलू | 1200 | 1450 |
| प्याज | 3800 | 3900 |
