Banka News: श्रावणी मेला के दौरान कांवरियों की सेवा में जुटे स्वयंसेवकों के साथ शुक्रवार को बांका जिले के बेलहर प्रखंड क्षेत्र में एक बड़ा हादसा हो गया. जोरीपार स्थित नीलकंठ महादेव सेवा समिति (औरंगाबाद) के शिविर में भोजन वितरण के दौरान समरसेबल के पाइप में उतरे करंट की चपेट में आने से चार सेवादार गंभीर रूप से झुलस गए.
घटना के बाद शिविर परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई. हालांकि समिति के सदस्यों ने तत्परता दिखाते हुए सभी घायलों को तुरंत इलाज के लिए स्थानीय स्वास्थ्य शिविर पहुंचाया. प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलहर रेफर कर दिया गया.
भोजन परोसते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार सेवा समिति द्वारा श्रावणी मेला के दौरान कांवरिया श्रद्धालुओं के लिए लगातार नि:शुल्क भोजन वितरण किया जा रहा था.
इसी क्रम में धनबाद निवासी राजेश गुप्ता तथा बेगूसराय निवासी राजेश कुमार, धीरज कुमार और निक्कू कुमार रसोई से भोजन से भरा टब उठाकर श्रद्धालुओं के बीच परोसने के लिए ले जा रहे थे.
समरसेबल के पाइप से सटते ही लगा करंट
सेवादार जब समरसेबल बोरिंग के पास से गुजर रहे थे, तभी भोजन का लोहे का टब वहां निकले लोहे के पाइप से सट गया. बताया गया कि उस पाइप में पहले से बिजली का करंट प्रवाहित हो रहा था.
लोहे का बर्तन पाइप से संपर्क में आते ही चारों सेवादारों को जोरदार बिजली का झटका लगा और वे मौके पर ही गिर पड़े.
शिविर परिसर में मची अफरा-तफरी
अचानक हुई इस घटना से शिविर परिसर में कुछ देर के लिए भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. वहां मौजूद अन्य सेवादारों और समिति के सदस्यों ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित किया और घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया.
सेवा समिति के सदस्यों लखन प्रसाद गुप्ता, विजय गुप्ता, अरविंद कुमार सिंह और छोटू कुमार ने बताया कि समरसेबल के पाइप में अचानक करंट आ गया था और इसकी पहले से किसी को जानकारी नहीं थी.
Banka News: डॉक्टर बोले, चारों खतरे से बाहर
बेलहर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों ने चारों घायलों का इलाज शुरू किया. डॉक्टरों के अनुसार सभी सेवादार खतरे से बाहर हैं और उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.
श्रावणी मेला के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए सेवा शिविरों में बिजली और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की नियमित जांच की आवश्यकता पर भी स्थानीय लोगों ने जोर दिया है.
यह हादसा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि धार्मिक आयोजनों और अस्थायी सेवा शिविरों में विद्युत सुरक्षा के मानकों का पालन कितना जरूरी है, ताकि सेवा कार्य के दौरान ऐसी घटनाओं से बचा जा सके.
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