बांका के बाराहाट में खेत में काम कर रहे किसान की वज्रपात से मौत

बाराहाट के डफरपुर गांव में खेत में काम कर रहे किसान की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई. घटना के बाद मृतक के परिवार में मातम का माहौल है.

Banka News: सावन की बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आती है, लेकिन बांका जिले के बाराहाट प्रखंड में यही बारिश एक परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गई. रविवार दोपहर खेत में काम कर रहे 56 वर्षीय किसान साधु तांती पर अचानक आकाशीय बिजली गिर गई. आसपास मौजूद किसानों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी जिंदगी खत्म हो चुकी थी. इस हादसे ने पूरे डफरपुर गांव को झकझोर दिया है और परिवार में कोहराम मचा हुआ है.

रोज की तरह खेत गए थे, लेकिन घर नहीं लौटे

जानकारी के अनुसार, बाराहाट थाना क्षेत्र के डफरपुर गांव निवासी साधु तांती रविवार दोपहर अपने खेत में कृषि कार्य कर रहे थे. इसी दौरान मौसम अचानक बदला और तेज बारिश शुरू हो गई. बारिश के बीच आकाशीय बिजली गिरने से वह उसकी चपेट में आ गए और खेत में ही गिर पड़े.

घटना के समय आसपास के खेतों में काम कर रहे अन्य किसानों और परिजनों ने उन्हें तत्काल उठाकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. अस्पताल से मौत की खबर मिलते ही परिवार और गांव में मातम छा गया.

पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल, बच्चों का भविष्य अधर में

साधु तांती अपने पीछे पत्नी मनोरमा देवी, दो बेटे और दो बेटियां छोड़ गए हैं. परिवार की आजीविका मुख्य रूप से खेती पर निर्भर थी. अचानक हुई इस मौत के बाद पूरे परिवार के सामने आर्थिक और सामाजिक संकट खड़ा हो गया है.

पत्नी मनोरमा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है. गांव के लोग उन्हें सांत्वना देने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन परिवार पर टूटा दुख का पहाड़ थमने का नाम नहीं ले रहा. स्थानीय लोगों का कहना है कि साधु तांती मेहनती और मिलनसार किसान थे और पूरे परिवार की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी.

गांव में शोक की लहर, जनप्रतिनिधियों ने पहुंचकर बंधाया ढांढस

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया. उन्होंने आश्वासन दिया कि मृतक के परिवार को आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से मिलने वाली सहायता राशि दिलाने की पूरी कोशिश की जाएगी.

स्थानीय जनप्रतिनिधि निजामुद्दीन, रमेश साह और अविनाश सिंह सहित अन्य लोगों ने कहा कि ऐसे हादसों से प्रभावित परिवारों को समय पर सरकारी सहायता मिलनी चाहिए ताकि वे इस कठिन समय में आर्थिक रूप से संभल सकें.

Banka News: सावन में बढ़ा वज्रपात का खतरा

बिहार में मानसून के दौरान विशेषकर खेतों और खुले इलाकों में काम करने वाले किसानों के लिए वज्रपात का खतरा काफी बढ़ जाता है. मौसम विशेषज्ञ लगातार सलाह देते हैं कि तेज बारिश, बादलों की गड़गड़ाहट और बिजली चमकने के दौरान खुले खेत, पेड़ के नीचे या ऊंचे स्थानों पर रुकने से बचना चाहिए.

ग्रामीण इलाकों में अब भी कई लोग मौसम की चेतावनियों से अनजान रहते हैं, जिसके कारण हर वर्ष कई जानें चली जाती हैं. प्रशासन की ओर से समय-समय पर जारी किए जाने वाले अलर्ट का पालन करना ऐसे हादसों से बचने के लिए बेहद जरूरी माना जाता है.

प्रशासन से मुआवजे की मांग

डफरपुर गांव के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि साधु तांती के परिवार को जल्द से जल्द आपदा राहत कोष से मुआवजा दिया जाए. ग्रामीणों का कहना है कि खेती-किसानी पर निर्भर इस परिवार के लिए सरकारी सहायता ही अब सबसे बड़ा सहारा बन सकती है.

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लेखक के बारे में

By अजय कुमार झा

अजय कुमार झा प्रिंट माध्यम में 14 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बाराहाट (बांका) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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