रजौन के बद्रीनाथ धाम में गूंजा शिव भक्ति का संदेश, शिव के स्मरण से बदल सकती है जीवन की दिशा
Banka News : "शिव को समझना आसान नहीं, वे कण-कण में विराजमान हैं. " यह संदेश तब गूंज उठा जब बद्रीनाथ धाम परिसर में आयोजित शिव गुरु परिचर्चा में श्रद्धालुओं ने शिव तत्व और गुरु महिमा पर विस्तार से चर्चा की. कार्यक्रम में शिव नाम की शक्ति और उसके आध्यात्मिक महत्व पर विशेष प्रकाश डाला गया.
रजौन (बांका) से पीयूष कुमार की रिपोर्ट
Banka News : रजौन प्रखंड के बद्रीनाथ धाम स्थित कुटिया परिसर में एक दिवसीय शिव गुरु परिचर्चा का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में प्रखंड की विभिन्न पंचायतों से बड़ी संख्या में शिव भक्तों और शिव शिष्यों ने भाग लिया. परिचर्चा के दौरान भगवान शिव के स्वरूप, गुरु तत्व और शिव नाम के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई.
कण-कण में वास करते हैं भगवान शिव
शिव शिष्य एवं धौनी निवासी सीताराम जी ने कहा कि भगवान शिव अविनाशी हैं और सृष्टि के कण-कण में उनका वास है. उन्होंने कहा कि शिव के वास्तविक स्वरूप को जानना और समझना अत्यंत कठिन है, लेकिन जो व्यक्ति उन्हें अपने हृदय में स्थापित कर लेता है, उसके जीवन की अनेक कठिनाइयां स्वतः दूर होने लगती हैं.
1008 नामों से पूजे जाते हैं महादेव
परिचर्चा में बताया गया कि भगवान शिव को 1008 नामों से जाना जाता है. महामृत्युंजय, महाकाल, केदारनाथ, विश्वनाथ और रामेश्वरम जैसे अनेक नामों से उनकी आराधना की जाती है. वक्ताओं ने कहा कि शिव का एक महत्वपूर्ण नाम “जगतगुरु ” भी है, क्योंकि वे समस्त सृष्टि और प्रत्येक प्राणी के गुरु हैं, चाहे वह किसी भी जाति, वर्ग या लिंग से संबंध रखता हो.
शिव नाम के स्मरण की महिमा बतायी
वक्ताओं ने कहा कि शिव नाम का स्मरण व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है. शिव भक्ति और गुरु कृपा के माध्यम से मनुष्य आध्यात्मिक उन्नति की ओर अग्रसर होता है. श्रद्धालुओं को नियमित रूप से शिव नाम का जाप और गुरु मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया.
शिव शिष्य आंदोलन के उद्देश्य पर हुई चर्चा
परिचर्चा के दौरान वक्ताओं ने बताया कि शिव शिष्य परमपूज्य हरिद्रानंद जी ने वर्ष 1974 में भगवान शिव को अपना गुरु मानकर लोगों को शिव तत्व से जोड़ने का अभियान शुरू किया था. आज यह अभियान देश के विभिन्न हिस्सों में लाखों लोगों को आध्यात्मिक चेतना और मानव सेवा का संदेश दे रहा है.
बड़ी संख्या में शामिल हुए श्रद्धालु
कार्यक्रम में मीना कुमारी, राजकुमारी, रिंकू देवी, सिंधु देवी, अशोक रजक, बांके बिहारी, रीता देवी, ललिता देवी, चंदा देवी, कृष्णदेव, महेश सिंह, टुक-टुक उर्मिला सहित बड़ी संख्या में शिव भक्त और शिव शिष्य उपस्थित रहे. पूरे कार्यक्रम के दौरान भक्ति और आध्यात्मिकता का माहौल बना रहा.