Badi Ravivar Mandar: रविवार की सुबह मंदार पर्वत की तराई में कुछ अलग ही नजारा देखने को मिला. बड़ी रविवार के अवसर पर पापहरणी सरोवर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा. सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचने लगे. लोगों ने पवित्र सरोवर में स्नान किया, भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया और मंदिरों में पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की.
महिलाओं, पुरुषों और बुजुर्गों की भीड़ से पापहरणी सरोवर और आसपास का मंदिर परिसर दिनभर गुलजार रहा. श्रद्धालुओं के जयघोष और पूजा-पाठ के बीच पूरा मंदार क्षेत्र धार्मिक माहौल में डूबा रहा.
सूर्य उपासना के लिए खास माना जाता है रविवार
धार्मिक मान्यताओं में रविवार का दिन भगवान सूर्य की उपासना के लिए विशेष माना जाता है. बड़ी रविवार को सामान्य रविवार की तुलना में अधिक पुण्यकारी मानने की परंपरा भी कई क्षेत्रों में प्रचलित है.
इसी विश्वास के साथ श्रद्धालुओं ने सुबह पापहरणी सरोवर में स्नान किया. इसके बाद सरोवर के किनारे भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर पूजा-अर्चना की.
कई श्रद्धालुओं ने मंदिरों में जाकर विधिवत पूजा की और परिवार के सदस्यों के सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्य की कामना की.
पापहरणी में स्नान से पापों के क्षय की मान्यता
पापहरणी सरोवर से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख आधार हैं. लोगों का विश्वास है कि इस पवित्र सरोवर में स्नान करने से पापों का क्षय होता है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.
बड़ी रविवार के मौके पर इसी आस्था के कारण दूर-दराज से भी लोग मंदार पहुंचे. स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने दान-पुण्य और पूजा-अर्चना की.
सरोवर के आसपास सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही. जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, यहां चहल-पहल भी बढ़ती गयी.
मंदार की धार्मिक पहचान से जुड़ा है पापहरणी
मंदार पर्वत और पापहरणी सरोवर का धार्मिक महत्व प्राचीन काल से जुड़ा माना जाता है. यही वजह है कि विशेष पर्व, त्योहार और धार्मिक तिथियों पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं.
बड़ी रविवार को भी यही परंपरा देखने को मिली. आस्था के साथ लोग मंदार पहुंचे और सरोवर में स्नान कर पूजा की.
पर्वत की तराई में स्थित मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही. पूजा-पाठ के बीच पूरा क्षेत्र भक्तिमय नजर आया.
महिलाओं और बुजुर्गों ने भी बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
बड़ी रविवार के अवसर पर महिलाओं, पुरुषों और बुजुर्गों की अच्छी संख्या में मौजूदगी रही. कई परिवार एक साथ मंदार पहुंचे और पापहरणी सरोवर में स्नान के बाद पूजा-अर्चना की.
श्रद्धालुओं के लिए यह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि परिवार के साथ आस्था और परंपरा से जुड़ने का अवसर भी रहा. लोगों ने अपने परिजनों के स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना की.
Badi Ravivar Mandar: भीड़ को देखते हुए स्थानीय स्तर पर की गयी व्यवस्था
पापहरणी सरोवर में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए स्थानीय स्तर पर आवश्यक व्यवस्थाएं की गयी थीं. सुबह से देर तक सरोवर और आसपास के मंदिर परिसर में लोगों की आवाजाही बनी रही.
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के कारण पूरे पर्वत क्षेत्र में दिनभर चहल-पहल रही. पूजा-अर्चना और धार्मिक गतिविधियों के बीच मंदार की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान एक बार फिर लोगों के सामने जीवंत हो उठी.
बड़ी रविवार के मौके पर उमड़ी भीड़ ने यह भी दिखाया कि विशेष धार्मिक तिथियों पर मंदार आज भी श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है.
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