बांका से चंदन कुमार की रिपोर्ट
Aaj ka darshan: सावन की सोमवारी पर पूरे जिले में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला. शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक स्थित शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा. भक्तों ने शिवलिंग पर जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की.
Aaj ka darshan: सुबह 5 बजे खुले मंदिरों के पट, दूध से हुआ अभिषेक
शहर के भयहरण स्थान और पंचमुखी मंदिर सहित जिले के प्रमुख शिवालयों के पट सुबह 5 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए. मंदिरों में सबसे पहले शिवलिंग का दूध से अभिषेक किया गया, जिसके बाद श्रद्धालुओं ने गंगाजल, जल, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित कर विधिवत पूजा-अर्चना की. सुबह से ही मंदिर परिसरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं.
प्रसिद्ध शिवालयों में दिखी भक्ति की अनोखी छटा
अमरपुर के सुप्रसिद्ध ज्येष्ठगौरनाथ मंदिर, बाराहाट के गोड़धुआ मंदिर और धोरैया के धनकुंड शिव मंदिर में विशेष सोमवारी पूजा का आयोजन किया गया. यहां दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने घंटों प्रतीक्षा कर जलाभिषेक किया. कई स्थानों पर भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों ने माहौल को और अधिक भक्तिमय बना दिया.
मंदार मधुसूदन मंदिर में दिनभर चला विशेष अनुष्ठान
मंदार स्थित मधुसूदन मंदिर में दिनभर विशेष पूजा-अर्चना का क्रम चलता रहा. पुजारियों के अनुसार सुबह 7:30 बजे भगवान का पंचामृत स्नान कराया गया. दोपहर 12 बजे भोग अर्पित किया गया, जबकि शाम 6 बजे भव्य श्रृंगार पूजा और आरती का आयोजन हुआ. श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए दोपहर 1 बजे मंदिर के पट खोले गए, जो शाम तक खुले रहे. रात 7 बजे मंदिर के पट पुनः बंद कर दिए गए.
पूरा जिला शिवमय, भक्तिमय माहौल से गूंजा वातावरण
सोमवारी के अवसर पर जिले के हर शिवालय में श्रद्धा और आस्था का अनोखा संगम देखने को मिला. दिनभर “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से वातावरण गूंजता रहा. श्रद्धालुओं की भीड़ ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सावन में शिवभक्ति का महत्व आज भी उतना ही गहरा है.
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