बांकाः राजद के बागी विधायक डॉ जावेद इकबाल अंसारी का दावा है कि दो दिन बाद ही फिर एक बड़ा खुलासा होगा. हालांकि यह खुलासा कैसा होगा, इसे बताने से उन्होंने इनकार किया. प्रभात खबर से बातचीत में डॉ अंसारी ने कहा कि राजद केवरिष्ठ नेताओं के क्रियाकलाप से वह आहत थे, इतना ही नहीं कार्यकर्ता तक अपने आप को पार्टी में अपमानित महसूस कर रहे हैं.
राजद की स्थिति को देखने से ऐसा लगा कि पार्टी नमो का रास्ता रोकने में सक्षम नहीं है. जबकि उनका पहला लक्ष्य है बीजेपी का रास्ता रोकना. विकास और सांप्रदायिक के नाम पर बीजेपी से अलग होने वाले नीतीश कुमार ही नमो का रास्ता रोकने में सक्षम हैं. बिहार के मुसलमान नीतीश को उम्मीद की नजर से देख रहे हैं. वह भी नीतीश कुमार के हाथ को मजबूत करना चाहते हैं. सांप्रदायिकता के मुद्दे पर मुख्यमंत्री के विचार से सहमत हूं.
राजद जिलाध्यक्ष के मनोनयन के समय से ही आहत है राजद कार्यकर्ता
विधायक डॉ अंसारी ने कहा कि जिला राजद के वर्तमान अध्यक्ष के मनोनयन का विरोध उस समय भी हुआ था, लेकिन किसी की नहीं सुनी गयी. कुछ लोगों के इशारे पर मनमानी हुई. जिला राजद के नब्बे फीसदी कार्यकर्ता आज भी इस बात से आहत हैं. राजद का दामन छोड़ने का मन उन्होंने तभी बना लिया था. राजद के नेता भाजपा के नेता को तरजीह देने में लगे हुए हैं, जो उन्हें और किसी भी अमन पसंद जन प्रतिनिधि को मंजूर नहीं होगा.
