कार्रवाई . भवन निर्माण की राशि व सरकारी पैसा गबन करने का आरोप
प्रखंड के प्रोन्नत मध्य विद्यालय जाखा के प्रभारी प्रधानाध्यापक सहित दो शिक्षकों पर थाना धोरैया के विरुद्ध डीपीओ एसएसए के निर्देश पर बीइओ ने प्राथमिकी दर्ज करायी है. दोनों पर विद्यालय भवन निर्माण की राशि गबन करने के साथ-साथ सरकारी पैसे के गबन का भी आरोप लगा है.
धोरैया : धोरैया का शिक्षा विभाग समय – समय पर अपने कारनामों से हमेशा सुर्खियों में रहा है. पैसे की भूख धोरैया के शिक्षकों पर इस कदर हावी है कि मध्याहन भोजन योजना में कर रहे लूट से भी इन शिक्षकों का मन नहीं भरता, और वे सरकारी राशि को भी गटकने से बाज नहीं आ रहे. कुछ महीने पूर्व धोरैया के दो शिक्षकों पर भवन निर्माण की राशि गबन करने का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि रविवार को फिर बीइओ ने सरकारी राशि गबन करने की रिपोर्ट धोरैया थाना में दर्ज करायी.
क्या है मामला
विद्यालय भवन निर्माण की राशि गबन करने वाले प्रखंड के प्रोन्नत मध्य विद्यालय जाखा के प्रभारी प्रधानाध्यापक महेश कुमार सिंह पिता स्व. केदार सिंह, ग्राम कुशमी, थाना धोरैया के विरुद्ध डीपीओ एसएसए के निर्देश के आलोक में बीइओ सुरेश ठाकुर ने प्राथमिकी दर्ज करायी है. प्राथमिकी में बीइओ ने कहा है कि वित्तीय वर्ष 2014-15 में एक अतिरिक्त वर्ग कक्ष निर्माण हेतु 3 लाख 85 हजार विभाग द्वारा अग्रिम दिया गया था. राशि की निकासी प्रभारी प्रधानाध्यापक द्वारा कर ली गयी है. निकासी के बावजूद भी अबतक कार्य प्रारंभ नहीं किया गया.
पूर्व में भी दो शिक्षकों पर हो चुकी है प्राथमिकी
विदित हो कि इसके पूर्व भी धोरैया के दो शिक्षकों पर राशि गबन के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करायी जा चुकी है. नवसृजित प्राथमिक विद्यालय भगौंधा के तत्कालीन प्रभारी प्रधानाध्यापक राजकुमार पासवान पर 1 लाख 33697 तथा पथलकुड़िया विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका अभिलाषा कुमारी के विरुद्ध भवन व कीचन शेड निर्माण की कुल 2 लाख 37,326 रुपये गबन करने का मामला दर्ज कराया गया था.
कनीय अभियंता तथा तकनीकी पर्यवेक्षक की भी रहती है भूमिका . बताते चलें कि विभाग द्वारा भवन निर्माण हेतु विभागीय कनीय अभियंता तथा तकनीकी पर्यवेक्षक की भी तैनाती की गयी है. इन दोनों की निगरानी में विद्यालय भवन का निर्माण कार्य होना है. लेकिन धोरैया में कनीय अभियंता तथा तकनीकी पर्यवेक्षक की पकड़ शिक्षकों पर नहीं रहने से ऐसे वारदात देखने को मिल रहे हैं.
