धोरैया : एसएफसी के जिला प्रबंधक सुशील कुमार द्वारा दर्ज करायी गयी प्राथमिकी में कहा गया था कि धान क्रय केंद्र प्रभारी द्वारा वर्ष 2014-15 में कुल 65369 क्विंटल धान की खरीद की गयी थी.
क्रय धान के विरुद्ध विभिन्न मिलरों को कुल 47410.99 क्विंटल धान निर्गत किया गया था. बांकी 17958.01 क्विंटल धान का भंडार निर्गमादेश विभिन्न मिलरों के पक्ष में धोरैया क्रय केंद्र से उठाव के लिए निर्गत किया गया था. लेकिन क्रय केंद्र प्रभारी धान के निर्गमन में टालमटोल करते रहे.
आजतक उसके जिम्मे में 17958.01 क्विंटल धान ना तो मिलर को दिया गया और न ही राज्य खाद्य निगम बांका को इसकी सूचना प्राप्त हो सकी.
सरकारी पंजी तथा हरा प्रति भी नहीं मिला
प्राथमिकी में सूचक ने कहा था कि धान क्रय केंद्र प्रभारी द्वारा सरकारी संपत्ति का आपराधिक षडयंत्र कर गबन कर लिया गया. जालसाजी करने के मन से कार्यालय द्वारा उपलब्ध करायी गयी सरकारी पंजी, निर्गत धान का हरा प्रति एवं अन्य कागजात जिला कार्यालय को वापस नहीं किया गया. बताते चलें कि गबन मामले को लेकर आरोपी के विरुद्ध सर्टिफिकेट केस व प्रपत्र क की भी कार्रवाई की जा चुकी है.
